तीन बहादुर महिलाओं ने डूबते युवकों को बचाने के लिए अपनी साड़ी उतारकर पानी फेंकी और उन्हें निकाल लिया। इन तीनों बहादुर महिलाओं का नाम क्रमश: सेंथमीज सेल्वी (38), मुथमल (34) और अनंतवल्ली (34) है। अभी सोशल मीडिया पर इनकी खूब चर्चा हो रही है।
यह ममला तमिलनाडु के एक गांव का है जहां के कोट्टारई बांध में 4 युवकों को डूबते देख इन महिलाओं ने उन्हें बचाने के लिए अपनी साड़ियां उतारकर पानी में फेंक दी और दो युवकों को बचाने में कामयाब रहीं। बताया गया है कि यह घटना 6 अगस्त को हुई। Siruvachchur गांव के 12 लड़के कोट्टारई गांव में क्रिकेट खेलने गए थे।
खेल के बाद सभी कोट्टारई डैम में नहाने चले गए। लेकिन बीते हफ्ते कि भारी बारिश के चलते डैम का पानी 15 से 20 फीट पहुंच गया था। बता दें, यह बांध 108 करोड़ की लागत से गांव के पास Marudaiyaru नदी पर बनाया गया है।

महिला सेंथमीज सेल्वी ने बताया जब युवक वहां पहुंचे तो हम घर के लिए निकलने वाले थे। उन्होंने बांध के चारों तरफ देखा और हमसे उसमें नहाने के बारे में पूछा। हमने उन्हें चेतावनी दी कि पानी गहरा होगा। लेकिन चारों पता नहीं कैसे फिसल कर उसमें गिर गए। हमने बिना ज्यादा सोचे अपनी साड़ियां उतारी और पानी में फेंक दीं। हम दो लड़कों को बचाने में कामयाब रहे। लेकिन अफसोस अन्य दो को नहीं बचा पाए। हम पानी में ही थे पर उन तक नहीं पहुंच पाए।
जिन युवकों को महिलाओं ने बचाया उनकी पहचान कार्तिक और सेंथिलवेलन के रूप में हुई। जबकि मरने वाले में 17 वर्षीय Pavithran और एक ट्रेनी डॉक्टर डॉक्टर रंजीथ (25) थे। पेराम्बलूर फायरफायटर्स ने स्पॉट पर पहुंचे और उनके शव बरामद कर उनके शव को परीक्षण के लिए पेराम्बूलर जिला के सरकारी अस्पताल भेज दिया।