भारतीय मौसम विज्ञानी अन्ना मणि के 104वें जन्मदिन पर सर्च इंडन गूगल ने आज, 23 अगस्त को खास डूडल बनाकर सम्मान दिया है। अन्ना मणि ने मौसम का अवलोकन करने वाले उपकरणों के डिजाइन में अहम योगदान दिया है। जो भारत के मौसम के पहलुओं को मापने और पूर्वानुमान लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 

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बता दें कि अन्ना मणि का जन्म 23 अगस्त, 1918 को भारत के केरल राज्य के पीरूमेडू में हुआ था। भौतिक विज्ञानी और मौसम विज्ञानी अन्ना मणि को 'भारत की मौसम महिला' के तौर पर जाना जाता है। दरअसल, अन्ना मणि के प्रयास से ही भारत में मौसम का पूर्वानुमान संभव हुआ है। मौसम विज्ञान में अन्ना मणि के योगदान का सम्मान करने के लिए, Google ने आज, 23 अगस्त 2022 को उनके 104वें जन्मदिन पर स्पेशल डूडल समर्पित किया है। 

अन्ना मणि ने 1939 में चेन्नई (मद्रास) के प्रेसिडेंसी कॉलेज से भौतिक और रसायन विज्ञान में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। इसके बाद भौतिकी में आगे की पढ़ाई के लिए वह 1945 में इंपीरियल कॉलेज, लंदन भी गईं। जहां से उन्होंने मौसम संबंधी उपकरणों की विशेषज्ञता हासिल की। 1948 में अन्ना मणि वापस भारत लौटी तो उन्होंने मौसम विभाग में नौकरी की शुरुआत की। उन्होंने मौसम विज्ञान उपकरणों से संबंधित कई रिसर्च पेपर भी लिखे हैं।

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साल 1969 में अन्ना मणि को भारतीय मौसम विभाग में उप महानिदेशक के पद पर नियुक्त किया गया। अन्ना मणि ने बंगलुरु में एक कार्यशाला को भी स्थापित किया जो हवा की गति और सौर ऊर्जा को मापने का काम करती थी, इसके अलावा उन्होंने ओजोन परत पर भी रिसर्च की थी। 1976 में वह भारतीय मौसम विभाग की उप-निदेशक पद से सेवानिवृत हुईं।

मणि ने अपने जीवन में गांधीवादी मूल्यों का पालन किया। अधिकतर वह खादी के कपड़े पहनती थीं। मौसम विज्ञान के क्षेत्र में योगदान के लिए अन्ना मणि को साल 1987 में INSA K। R। Ramanathan Medal से सम्मानित किया गया था।16 अगस्त 2001 को अन्ना मणि ने तिरुवनंतपुरम में इस दुनिया को अलविदा कह दिया।