कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के बीएमपी अस्पताल से बीते साल एक नवजात बच्चे के चोरी होने की गुत्थी सुलझ गई है।  इस मामले में बेंगलुरु पुलिस ने एक महिला डॉक्टर को गिरफ्तार किया है, जिसने बच्चे को चुराकर एक दंपति को 14.5 लाख रुपये में बेच दिया था।  गिरफ्तार की गई डॉक्टर रश्मि शशिकुमार एक निजी अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ के तौर काम करती थी। 

बेंगलुरु दक्षिण पुलिस के मुताबिक रश्मि ने अस्पताल से नवजात को चुराया था और उस दंपति को बेचा था, जो उससे बच्चे के जन्म को लेकर इलाज करा रहा था।  पुलिस का कहना है कि रश्मि ने दंपति से 14,5 लाख रुपये की रकम ली थी और मई, 2020 में सरोगेसी के जरिए बच्चे के जन्म का वादा किया था। 

 बेंगलुरु दक्षिण के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस ने शुरुआती जांच में बच्चे के बीते साल मई में चोरी होने की बात सामने आई है।  नवजात बच्चा हु्स्न बानो और नावेद का था।  बच्चे की चोरी के बाद दोनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और उसके बाद 20 पुलिसकर्मियों की एक टीम का गठन मामले की जांच के लिए किया गया था।  पुलिस का कहना है कि डॉक्टर की फोन कॉल्स और अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज को खंगालने के बाद उस तक पहुंचने में सफलता मिली।  पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान हमने संदिग्ध लोगों की एक लिस्ट तैयार की थी। इसमें आरोपी डॉक्टर भी शामिल थी। 

पुलिस ने बताया कि हमने जब डॉ. रश्मि से इस मामले में बयान दर्ज कराने को कहा तो वह आनाकानी करने लगी थी।  इससे हमारा संदेह उस पर और बढ़ गया था।  रश्मि ने जिस दंपति को बच्चा बेचा था, वह कई सालों से उससे इलाज करा रहा था और उसने उन्हें सरोगेसी के जरिए बच्चे की सलाह दी थी।  यही नहीं उस दंपति को डॉक्टर ने भरोसा दिलाया था कि वह सरोगेसी मदर की व्यवस्था कर लेगी और 28 मई को बच्चे की डिलिवरी होगी। 

पुलिस के अनुसार उस दंपति को डॉक्टर की ओर से किए जा रहे इस अपराध के बारे में जानकारी नहीं थी।  उन्हें यह खबर नहीं थी कि डॉक्टर ने सरोगेसी मदर की कोई व्यवस्था नहीं की है और बच्चे की चोरी की है।  यहां तक कि दंपति को यकीन कराने के लिए डॉक्टर ने सरोगेट मदर का फर्जी मेडिकल रिकॉर्ड भी पेश किया था।