कोरोना वायरस के बाद अब चाइनीज फूड को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। गर्भावस्था में महिलाओं का बहुत कुछ खाने का मन करता है और हो सकता है कि इस दौरान चाइनीज फूड को लेकर आपको बहुत क्रेविंग हो। हालांकि, गर्भावस्‍था ही नहीं बल्कि वैसे भी महिलाओं के लिए चाइनीज फूड में मौजूद अजीनोमोटा हानिकारक होता है। इसे मेडिकल भाषा में एमएसजी कहा जाता है। अब अगर आप गर्भावस्‍था में अजीनोमोटो लेती हैं तो इसका सीधा असर आपके शिशु पर पड़ेगा।  अजीनोमोटो लेती हैं तो इसका सीधा असर आपके शिशु पर पड़ेगा।
एमएसजी मोनोसोडियम ग्‍लूटामेट है जो कि अजीनोमोटो की प्रमुख सामग्री है। चाइनीज व्‍यंजनों में इसका खूब इस्‍तेमाल किया जाता है। ये नमक के रूप में आता है।


यदि आपको गर्भावस्‍था में माइग्रेन का दर्द हो रहा है तो एमएसजी का सेवन न करें। नाइट्रेट और एस्‍पैरटेम की तरह एमएसजी से प्रेगनेंट महिलाओं में माइग्रेन के मामले बढ़ जाते हैं। गर्भावस्‍था में शरीर में शारीरिक, मानसिक और हार्मोनल कई रूप से बदलाव आते हैं।
अधिकतर प्रोसेस्‍ड और पैकेटबंद खाद्य पदार्थों में एमएसजी होता है जो कि स्‍वास्‍थ्‍य के लिए हानिकारक माना जाता है और इसके दुष्‍प्रभावों में से एक वजन बढ़ना भी है। इसकी वजह से प्रेग्‍नेंसी में वजन बढ़ने के कारण कमर दर्द जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। इसलिए बेहतर होगा कि आप गर्भावस्‍था में एमएसजी लेने से बचें।
गर्भावस्‍था में होने वाली सबसे आम समस्‍याओं में वॉटर रिटेंशन भी शामिल है। प्रेग्‍नेंसी के दौरान शरीर सामान्‍य से 50 फीसदी ज्‍यादा खून और अन्‍य तरल बनाता है जिससे शिशु के विकास में मदद की जा सके। हालांकि, प्रेग्‍नेंसी में वॉटर रिटेंशन की वजह से कुछ गंभीर मामलों में प्रीक्‍लैंप्‍सिया यानी हाई ब्‍लड प्रेशर हो सकता है। इसमें नमक अहम भूमिका निभाता है और एमएसजी भी एक सोडियम नमक ही है। इससे वॉटर रिटेंशन की स्थिति और ज्‍यादा बिगड़ सकती है।
गर्भवती महिलाओं को सीने में जलन और एसिडिटी की शिकायत बहुत रहती है। वहीं गर्भावस्‍था की तीसरी तिमाही में सीने में जलन की समस्‍या ज्‍यादा होती है। चूंकि, एमएसीजी एक आर्टिफिशियल एडिटिव है इसलिए इससे सीने में जलन की दिक्‍कत और गंभीर रूप ले सकती है। हो सकता है कि पाचनतंत्र को इसे पचाने में ज्‍यादा मेहनत करनी पड़े जिससे सीने में जलन पैदा हो।