जब भी हम कोई लेख आदि पढ़ते हैं, इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके माध्यम से हम दूसरों के जीवन के बारे में जान सकते हैं। लेकिन ऐसा करने के दौरान शायद हम यह भूल जाते हैं कि लिखने की इस खूबसूरत कला की सराहना एक लेखक को किस कदर ऊँचाई दे जाती है। या यूँ कह लें कि उनके प्रति हमदर्दी पाठकों और लेखकों दोनों के रूप में दुनिया को देखने के नजरिए को हर दफा एक नया आकार दे जाती है।

यह भी पढ़े : Ekadashi Vrat : 8 अगस्त को है पुत्रदा एकादशी, जानिए पूजा- विधि, शुभ मुहूर्त और पूजन सामग्री


सिविल सर्वेंट नेहा बंसल की कविताओं के एक नए मार्मिक कलेक्शन 'हरस्टोरी' का उद्देश्य 'दूसरों' के जीवन पर एक नया दृष्टिकोण स्थापित करना है। यहाँ 'दूसरों' शब्द से मेरा आशय है कि हम सभी भीम, अर्जुन, राम, लक्ष्मण और रावण की कहानियों से अच्छी तरह परिचित हैं, लेकिन क्या हमने कभी हिडिम्बा, द्रौपदी, उर्मिला, मंदोदरी या मीनाक्षी के जीवन को लेकर विचार किया है?

यह भी पढ़े : Raksha Bandhan: जानिए 11 अगस्त को किस समय और 12 अगस्त को कब बांध सकते है राखी


शायद नहीं। बंसल के इस काम का उद्देश्य इस अन्याय को सुधारना और उसका निवारण करना है और साथ ही इन महिलाओं की कहानियों या 'हरस्टोरी' को एक आधुनिक जीवंत साहित्यिक रुख प्रदान करना है।

यह भी पढ़े : Numerology Horoscope 4 August : आज इन तारीखों में जन्मे लोगों को मिलेगा भाग्य का साथ, जानिए आपका


'हरस्टोरी' में एक खास बात यह है कि इसमें मोटे तौर पर तीन विषय हैं- 'कविताओं की पुनर्व्याख्या' 'पौराणिक कथाओं, अनुभव और अवलोकन की कविताएँ' और 'आत्मनिरीक्षण की कविताएँ'। तीनों ही समृद्ध विषयों को बड़ी ही खूबसूरती से बुना गया है। इसके अंतर्गत कविताओं को आपस में जोड़ने से प्रत्येक विषयगत इकाई काफी प्रभावशाली जान पड़ती है। एंथोलॉजी को बेहतर ढंग से विषयों के अनुक्रम के साथ परोसा गया है।

माता पिता द्वारा तय किये गए विवाह में ईश्वर के दूत इज़ेकिल की गूँज है, जिसमें 'पुराने जमाने का तरीका' और नए दौर के कवि और लेखक, जैसे- एलियट तथा ऑडेन शामिल हैं। मुक्त छंद में बड़े पैमाने पर लिखी गई कविताओं में शैलीगत अलंकरण भरपूर है, क्योंकि कवि ने लय और तुकबंदी का बहुत ही खूबसूरती से प्रयोग किया है।

यह भी पढ़े : सिर्फ 19 मिनट में फुल चार्ज हो जाएगा OnePlus 10T, कीमत 50 हजार रुपये, जानिए स्पेसिफिकेशन


एक और पहलू, जो बहुत स्पष्ट रूप से सामने आया, वह था रंगीन चित्रकारी और शब्दों के लिए अलग-अलग रंगों का उपयोग, जिसने मन में एक जीवंत छवि छोड़ दी। मुझे नीले रंग के कम से कम पाँच अलग-अलग रंग याद आ रहे हैं, जिनमें से प्रत्येक अपनी प्रासंगिक प्रतिमा के साथ उल्लेखित है।

उनका काम हमें 'हरस्टोरी' किताब की प्रत्येक कविता के बाद एक अलग दुनिया में ले जाता है और हमारे मन में चल रहे पक्षपात पर आत्मनिरीक्षण करता है। यह न सिर्फ हमें महिलाओं के प्रति नई विचारधारा प्रदान करता है, बल्कि हमारे अपने व्यवहार को एक नया रुख प्रदान करता है।

उनके काम की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इसके लेख पाठक को इनके लिए प्रतिक्रिया देने पर विवश कर देंगे। घटोत्कच, विभीषण और लक्ष्मण की कहानी को उन पर प्रचलित लोकप्रिय टिप्पणियों से परे बताने की कोशिश की गई है। इसमें बताया गया है कि कभी-कभी एक कहानी के सिर्फ दो पहलू नहीं होते, बल्कि तीन पहलू होते हैं।

मैं कह सकता हूँ कि बंसल गहन चिंतन को विवश करने में सफल रही हैं, क्योंकि जितनी कहानियाँ हों, उतने ही विचार उपजते हैं। यह केवल महान नाट्यलेखक विलियम शेक्स्पीयर की महान कृति हेमलेट के पात्र रोसेनक्रांट्ज़ और गिल्डनस्टर्न के बारे में नहीं है, बल्कि हम में से प्रत्येक और हमारे दृष्टिकोण के बारे में है।

लेखक के बारे में:

अंग्रेजी साहित्य की छात्रा, नेहा बंसल साहित्य में रूचि रखती हैं। उन्हें सिविल सेवा में शामिल होने तक स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों क्षेत्रों में साहित्य पढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2010 बैच की अधिकारी रह चुकीं बंसल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार में खाद्य सुरक्षा आयुक्त हैं। उनकी रुचि साहित्य, इतिहास, पौराणिक कथाओं और यात्रा लेखन को पढ़ने में है।

सुश्री बंसल की पुस्तक, 'हरस्टोरी', कविता का एक संकलन है, जिसे साहित्य अकादमी ने प्रकाशित किया है। अपनी कविता के माध्यम से वे जिनको बेसुध रखा गया है उनको आवाज देने का प्रयास करती रही हैं। हरस्टोरी उनका पहला कलेक्शन है, और वे अपना लेखन भविष्य में भी जारी रखने की इच्छा रखती हैं।

पुस्तक समीक्षा, हृदय जी सरत द्वारा की गई है