खेल प्रतियोगिता में पहचान बनाते हुए देश की रक्षा के लिए असम रायफल्स की सैनिक बनी शाजापुर की अर्पणा चौहान ने एक ही साल के छोटे से कार्यकाल में ट्रेनिंग पीरियड में ही सेना का मान भी बढ़ाने का कमाल कर दिखाया है। गत दिनों 29 नवंबर से 02 दिसंबर 2018 के बीच साउथ अफ्रीका के डरबन में हुए 9वे कॉमन वेल्थ कराते चैम्पियनशीप-2018 प्रतियोगिता में शामिल होकर सैनिक अर्पणा ने असम रायफल्स को ब्रोंज मेडल दिलवा दिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बार सेना को मिले इस सम्मान को लेकर असम रायफल्स ने अर्पणा को अपने सर्वोच्च अवार्ड से सम्मानित करने का निर्णय लिया है।


अब आगामी 25 मार्च को असम रायफल्स दिवस पर नागालैंड के धीमापुर के असम रायफल्स एवं ट्रेनिंग स्कूल में अर्पणा को रायफल्स के सर्वोच्च अवार्ड डायरेक्टर जनरल असमय रायफल्स कोम्मडेशन कार्ड अवार्ड-2019 से नवाजा जाएगा। ज्ञात रहे असम रायफल्स को पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में यह उपलब्धि मिली है। कराते की इंटरनेशनल स्तर की प्रतियोगिता में देश की सेना का विश्वभर में सम्मान बढ़ाने का काम शाजापुर की बेटी अर्पणा ने किया है। इसको लेकर उनके परिजन भी काफी उत्साहित है। अर्पणा के पिता आर.एल.चौहान ने बताया कि बेटी ने 24 फरवरी 2018 को ड्यूटी ज्वाइन की है। अभी नागालैंड में असम रायफल्स ट्रेनिंग स्कूल धीमापुर में ट्रेनिंग ले रही है। प्रतियोगिता में बेटी ने कुमिते कैटेगरी में ब्रोंज मैडल जीत कर देश और सेना का नाम रोशन किया है।

महिलाएवं बाल विकास के तत्वावधान में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को सुबह 11 बजे स्थानीय गांधी हॉल शाजापुर में जिला स्तर पर विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग जिला कार्यक्रम अधिकारी नीलम चौहान ने दी।

समाज सेवा का जज्बा भी शाजापुर की महिलाओं में कम नहीं है। इसमें शहर की 6-7 महिलाओं ने मरने के बाद भी समाज सेवा करने का निर्णय लिया है। बाकायदा इसके लिए शहर की समाजसेवी गायत्री विजयवर्गीय, सरोज वत्स, शीतल जैन, अर्चनासिंह चौहान, मीना दायमा, विजयलक्ष्मी जैन ने अपनी मौत होने के बाद अपनी देह काे दान कर दिया है। गायत्री विजयवर्गीय ने बताया की मरने के बाद बॉडी पर प्रयोग करते हुए मेडिकल कॉलेज में रख दी जाएगी। इसके माध्यम से डॉक्टर बनने वाली विद्यार्थी शहरी की आंतरिक रचना काे देखकर प्रयोग कर सकेंगे।