काठमांडू। नेपाल में एक छोटे-से गांव की युवती के शादी के इरादे से घर छोडऩे के फैसले की सजा पूरे गांव की लड़कियों को उनके ही परिजनों से दिये जाने का मामला प्रकाश में आया है। 'काठमांडु पोस्ट' ने सोमवार को यह जानकारी दी। नेपाल के सिराहा में एक युवती के अपनी पसंद के लड़के साथ शादी के इरादे से घर छोडऩे की सजा अब गांव की सभी युवतियों और यहां तक कि छोटी उम्र की लड़कियों को भी भुगतनी पड़ रही है। 

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रिपोर्ट के अनुसार सुनीता (परिवर्तित नाम) ने अपनी पसंद के लड़के से शादी करने के लिए घर छोड़ दिया जिसके बाद उसके परिवार की समाज में काफी आलोचना की गयी और उनका हुक्का पानी ही बंद कर दिया गया। रिपोर्ट में सिराहा के चंद्रलालपुर म्यूनिस्पैलिटी की एक युवती कमला (21)के हवाले से बताया गया कि इस पितृसत्तामक समाज में इतना ही काफी नहीं रहा बल्कि गांव के हर परिवार को अपने घर की लड़कियों को नियंत्रण में रखने की चेतावनी जारी की गयी और कहा गया कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो उस परिवार विशेष को अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा खोनी पड़ेगी। इस घटना के बाद से पूरे गांव ने अपनी-अपनी बेटियों का विवाह करने का फैसला लिया। 

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कमला ने बताया कि दसवीं में पढ़ रही सुनीता की छोटी बहन की शादी उसके घरवालों के द्वारा कहीं और तय किये जाने के बाद उसके प्रेमी ने उसकी हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद गांववालों ने सभी लड़कियों का विवाह किये जाने का फैसला किया था। इन घटनाओं के बाद से युवतियों को इलाके में यहां वाले जाने पर जबरदस्त पाबंदियों को झेलना पड रहा है। इस क्षेत्र में काम करने वाले विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की घटनाएं महिलाओं को दोयम दर्जे का नागरिक माने जाने की सोच के कारण पनपती है और इससे महिलाओं का जीवन बेहद असुरक्षित हो जाता है।