अम्मान। शाहीन गिल और निवेदिता कार्की ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन अन्य युवा भारतीय महिला मुक्केबाजों के साथ सोमवार को जॉर्डन की राजधानी अम्मान में एएसबीसी एशियाई युवा और जूनियर मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया। शाहीन और निवेदिता के अलावा तमन्ना (50 किग्रा), रवीना (63 किग्रा) और मुस्कान (75 किग्रा) ने फाइनल में अपना परचम लहराते हुए इस प्रतिष्ठित महाद्वीपीय आयोजन में देश के लिए स्वर्ण पदक जीता। 

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निवेदिता ने भारत को एक आदर्श शुरुआत प्रदान करते हुए 48 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में उज्बेकिस्तान की सैदाखोन रखमोनोवा पर 3-2 से मुश्किल लेकिन सनसनीखेज जीत हासिल की। इसी तरह तमन्ना ने 50 किग्रा भार वर्ग के रोमांचक मुकाबले में इसी तरह के स्कोर के साथ एक अन्य उजबेक मुक्केबाज रोबियानखोन बख्तियारोवा पर जीत के साथ देश को दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया। निवेदिता और तमन्ना दोनों ने इस आयोजन के पिछले संस्करण में रजत पदक जीता था और अब दोनों ने अपने पदकों का रंग बदल लिया है। 

शाहीन और रवीना ने अपनी-अपनी उज्बेक विरोधियों के खिलाफ एकतरफा जीत के साथ देश की पदक तालिका में दो और स्वर्ण जोड़े। शाहीन (60 किग्रा) ने मुखलिसा तोखिरोवा को मात दी, जबकि रवीना ने उज्बेकिस्तान की सितोरा बहोदिरोवा को हराया।अब देश के लिए पदक जीतने की बारी मुस्कान की थी और मुस्कान ने कजाकिस्तान की ऐदासारिबारोवा के खिलाफ आक्रामक प्रदर्शन करते हुए बडी जीत दर्ज की। मुस्कान के मुक्कों में इतना दम था कि रेफरी को पहले राउंड में ही मुकाबला रोकने पर मजबूर कर दिया। मुस्कान ने मुकाबला रोके जाने तक अपनी विरोधी खिलाड़ी के चेहरो पर जबरदस्त प्रहार किए थे। इस बीच, प्रियंका और कीर्ति को हालांकि फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। 

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इस तरह दोनों ने रजत पदक के साथ अपने अभियान का समापन किया। प्रियंका को जहां 66 किग्रा वर्ग के फाइनल में कजाकिस्तान की बकीत्सीडिश के खिलाफ 1-4 से हार मिली, वहीं कीर्ति (+81 किग्रा) को उज्बेकिस्तान की सखोबत खुसानोवा ने एकतरफा अंदाज में 0-5 से हराया। रेणु (52 किग्रा), तनीषा लांबा (54 किग्रा), प्राची (57 किग्रा), प्रांजल यादव (70 किग्रा) और स्नेहा (81 किग्रा) पांच मुक्केबाज हैं, जिन्होंने सेमीफाइनल में पहुंचकर कांस्य पदक हासिल किया था। भारतीय महिलाओं ने युवा वर्ग में प्रत्येक 12 श्रेणियों में पदक पर हासिल किए हैं। बाद में आज रात ही तीन भारतीय-विश्वनाथ सुरेश (48 किग्रा), वंशज (63.5 किग्रा) और अमन सिंह बिष्ट (+92 किग्रा) युवा पुरुष वर्ग में स्वर्ण के लिए अपनी चुनौती पेश करेंगे। रविवार शाम को, कृष पाल (46 किग्रा) और यशवर्धन सिंह (60 किग्रा) ने फाइनल में प्रभावशाली जीत दर्ज की और जूनियर वर्ग में भारत के लिए दो और स्वर्ण पदक जोड़े। कृष ने ताजिकिस्तान के अनिशरवोन फाजिलोव को 4-1 के विभाजित फैसले से हराया, जबकि यशवर्धन ने उज्बेकिस्तान के मिर्जाकामरोन यूनुसोव को 5-0 से हराया। 

जूनियर वर्ग के अन्य लड़कों में, रवि सैनी (48 किग्रा) और ऋषभ ङ्क्षसह (60 किग्रा) को अपने-अपने फाइनल में हार का सामना करना पड़ा और इस तरह उनका सफर रजत पदक के साथ समाप्त हुआ। विनी (50 किग्रा), यक्षिका (52 किग्रा), विधि (57 किग्रा), निकिता चंद (60 किग्रा), सृष्टि साठे (63 किग्रा) और रुद्रिका (75 किग्रा) बालिका वर्ग में चैंपियन बनकर उभरीं। इसी के साथ भारतीय जूनियर टीम ने इस प्रतिष्ठित महाद्वीपीय टूर्नामेंट में आठ स्वर्ण, सात रजत और छह कांस्य सहित कुल 21 पदकों के साथ दूसरा स्थान हासिल करते हुए अपना सफल अभियान समाप्त किया।, इस साल पुरुषों और महिलाओं दोनों के आयु वर्ग (युवा और जूनियर) के मुकाबले एक साथ खेले जा रहे हैं।