हमारे देश में बच्चे के जन्म से लेकर जवान होने तक उसे कई विभिन्न सस्कारों से होकर गुजरना पड़ता है। जिसमें बच्चों को उनके अच्छे आचरण और संस्कारों से अवगत कराने के लिए शिक्षा दी जाती है। दुनिया में एक देश ऐसा भी है जहां बच्चे को जवान होने तक कई विभिन्न प्रकार की कठिन से कठिन परिक्षाएं देनी होती है। इन सभी कामों को कराने के बाद ही उसे व्यस्क समझा जाता है।


सतेरे-मो नामक जनजाति में लोगों को अपने आपको अपनी वयस्कता साबित करने और अपने आप को जवान दिखाने के लिए ऐसी खतरनाक परिस्थियों से होकर गुजरना पड़ता है। जिनके बारे में कभी आपने सोचा तक नहीं होगा, इस जनजाति के लोग व्यस्क होने वाले लड़के को खतरनाक कीड़े-मकोड़ों से बना एक प्रकार का दस्ताना पहनाते हैं। ये कीड़े शरीर में चिपकते ही काटने लगते है जिससे काफी दर्द होता है। यदि लड़का इस दस्ताने को पहनने के बाद कीड़े के काटने वाले दर्द को बर्दाश्त कर 10 मिनट तक पहना रहता है, तो वह व्यस्क माना जाता है।


पश्चिमी अफ्रीका में पायी जाने वाली फुलानी जनजाति के लोग अपने आप को व्यस्क दिखाने के लिए टैटू को अपने शरीर पर गुदवाते है। माना जाता है कि ये प्रथा यहां की महिलाओं के लिए ही लागू होती है, जिन्हें अपने पूरे शरीर व चेहरे पर टैटू बनवाना पड़ता है। तभी यहां पर व्यस्क माना जाता है।


आपको बता दें कि यहां के जाति के लड़को को व्यस्क होते ही युद्ध कला में भेज दिया जाता था। यहां पर 17 वर्ष की आयु पार करते ही युद्ध क्षेत्र की कला को सिखाने के लिए यहां के युवाओं को भेज दिया जाता है और प्रशिक्षण पूरा करने के बाद इन्हें किसी दुश्मन की बलि को चढ़ाना आवश्यक होता है। तभी इनका प्रशिक्षण पूरा माना जाता है और वयस्कों की गिनती में गिना जाता है।