मजहबी रिश्तों से दूर इस शख्स ने खुद को सबसे बड़ा शिव भक्त बताया है। असम की राजधानी गुवाहाटी में रहने वाले मोतिबुर रहमान सुबह आैर शाम की नमाज के बाद शिव मंदिर जाता है। मोतिबुर के घर के निकट एक शिव मंदिर है, जिसकी देखरेख उनका परिवार करता है। उनका मानना है कि गांव इससे बुरी आफत से बचा है। देश दुनिया में हो रहे मजहबी फसाद के बीच में पूर्वोत्तर के इस शख्स की कहानी दिल को सुकून देती है। 

बता दें कि नॉर्थ गुवाहाटी के रंगमहल के एक मुस्लिम गांव में मोतिबुर रहमान के घर के पास एक शिव मंदिर है। ये मंदिर 'भांगुरा थान' के नाम से मशहूर है। मुस्लिमों के इस गांव में मोतिबुर का परिवार भांगुरा थान का सात पीढ़ियों से देखभाल करता आ रहा है। मोतिबुर सुबह फजर की नमाज के बाद और मगरिब की नमाज के बाद भांगुरा थान की साफ-सफाई करते हैं। साफ-सफाई के बाद यहां शिव पूजा में गांव के हिंदुओं के साथ मुस्लिम समुदाय के लोग भी शामिल हो जाते हैं।


बुरे सायों से दूर रखता है भांगुरा थान

मोतिबुर रहमान के परिवार का मानना है कि भांगुरा थान की वजह से उनका गांव बुरे साये, बीमारी और दूसरी मुसीबतों से बचा है। पिता के जाने के बाद 71 साल के मोतिबुर थान की देखरेख कर रहे हैं और उनके बाद बेटा ये जिम्मेदारी संभालेगा। थान में हर रोज पूजा-पाठ के साथ बड़े धूमधाम से शिवरात्रि भी मनाई जाती है। गांव के मुसलमान भी किसी शुभ काम के लिए निकलने से पहले मस्जिद में दुआ मांगने के अलावा यहां हाजरी देना और दीया जलाना नहीं भूलते।