धरती पर हर एक चीज की मौत होती है भले वो सजीव है या निर्जीव, एक न एक दिन उसका अंत हो ही जाता है। इंसान की बात करें तो जैसे की हम जानते हैं कि जब एक बच्चा  जन्म लेता है फिर बढ़ा होता है और जवान हो कर बुढ़ा होता है और फिर एक दिन मर जाता है। दुनिया का ये एक तरह का उसूल है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी की यह धरती पर ही नहीं बल्की यह उसूल पूरे ब्रह्माण्ड में लागू होता है। जो चीज एक बार जन्म लेती है वो एक दिन मर भी जाती है।


इसी तरह एक सितारा है सूरज जो की धरती पर रोशनी देता और दिन रात आयाम चलाता है। सूरज से धरती पर कई क्रियाएं होती है। इसका वैज्ञानिक विस्तार से अध्ययन कर रहे हैं। जैसे कि हम जानते हैं कि पृथ्वी की तुलना में सूरज बहुत विशाल है। खगोलगविदों ने बताया है कि मध्य में हमारा सूरज है जो कि  वह एक सामान्य सितारा है। लाल छोटे सितारे सबसे छोटे समूह में शामिल है। जिनमें मौजूद हाइड्रोजन धीरे धीरे जलती है, इसलिए उनकी उम्र खरबों साल तक होती है लेकिन हैरानी की बात यह है कि सूरज महज 12 अरब सालों तक ही चमक सकेगा मतलब 12 अरब साल तक ही सूरज जिंदा रह सकता है और इतने सालों के बाद सूरज की मौत हो जाएगी।


हाल ही में खोजा गया है कि सूरज सबसे भारी सितारा है जो 260 गुना भारी और एक करोड़ गुना ज्यादा चमकदार है। तो वैज्ञानिकों ने शोध में पाया है कि इसका सारा ईंधन जल जाएगा तो हो सकता है कि वह सुपरनोवा की तरह यह खत्म हो जाएगा यानी कि सूरज की मौत हो जाएगी फिर धरती पर किसी तरह की रोशनी नहीं होगी जो कि सूरज के कारण होती है। सूरज की मौत होने के बाद अपनी आकाशगंगा में ब्लैक होल बन जाएगा।  लेकिन सूरज के मरने के बाद सूरज की मौत से निकले हुए परमाणु तत्व अंतरिक्ष में फैल जाएंगे। जिससे हो सकता है कि एक नए ग्रह का जन्म हो।