बेंगलुरू में आयोजित कृष्ण मेला 2021 (Krishna Mela 2021) में एक सांड आकर्षण का केंद्र बना जो किसी अन्य की तरह सामान्य सांड नहीं है। कृष्णा नाम का बैल साढ़े तीन साल का है, जिसकी कीमत इसके विशेष गुणों के लिए 1 करोड़ रुपये है। यह विशेष और महंगा बैल हल्लीकर नस्ल (Hallikar breed) का है जो "सभी मवेशियों की नस्लों की माँ" है, जैसा कि इसके मालिक बोरेगावड़ा ने बताया है।


मालिक ने कहा कि सांड के वीर्य (semen) की काफी मांग है क्योंकि कृष्ण मेले में इसे एक हजार रुपये प्रति खुराक के हिसाब से बेचा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बैल अलग है क्योंकि यह भारत में किसी भी अन्य बैल की तुलना में बड़ी और मजबूत मानी जाने वाली नस्ल (breed) का है।
हल्लीकर नस्ल (Hallikar breed) अक्सर दक्षिण कर्नाटक में हल्लीकर समुदाय से संबंधित पाई जाती है जो पशु पालन के कौशल के लिए व्यापक रूप से जानी जाती है। कुछ स्थानों को हल्लीकर गायों के लिए जाना जाता है जैसे तुमकुर, मांड्या, हसन और मैसूर जहां उच्च गुणवत्ता वाले दूध का उत्पादन होता है।
कहा जाता है कि हल्लिका (Hallikar cows) की इस नस्ल की गायें अन्य औसत गायों की तुलना में भारी मात्रा में दूध का उत्पादन करती हैं। 11 नवंबर को बेंगलुरु में शुरू हुए कृष्ण मेले में 12,000 से अधिक किसानों ने पंजीकरण कराया था, जिसमें मेले में 550 स्टॉल शामिल थे।