बच्चे, माँ-बाप की जान होते हैं।  सोचिए उन माँ-बाप पर क्या बीती होगी, जिनका बच्चा दो साल की उम्र में उनसे बिछड़ गया हो।  जब 24 साल बाद वही बच्चा एक नौजवान की शक्ल में उन्हें वापस मिले, तब उन्हें जो अनुभूति हुई होगी, क्या उसे शब्दों में बयां किया जा सकता है।  शायद नहीं। 

ऐसा ही वाकय़ा हुआ चीन में, जहाँ एक पिता को अपना खोया हुआ बच्चा 24 साल बाद वापस मिला और इसके लिए उन्होंने बाइक से पूरे देश में पाँच लाख किलोमीटर से अधिक की वर्षों तक खाक छानी।  चीन के शेनडोंग प्रांत में रहने वाले गुओ गैंगटन के बच्चे को मानव तस्करों ने उनके घर के सामने से तब अगवा कर लिया था, जब उसकी उम्र महज दो साल थी। 

चीन में बच्चों को इस तरह अगवा किया जाना एक बड़ी समस्या है, जहाँ हर साल ना जाने कितने बच्चे मानव तस्करों के चंगुल में फँस जाते हैं, लेकिन गुओ गैंगटन का बच्चा जिस तरह से लापता हुआ, उससे वर्ष 2015 में एक फि़ल्म बनाने की प्रेरणा मिली, जिसे हांगकांग के सुपरस्टार एंडी लाउ ने अभिनय से जीवंत बना दिया।  ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, डीएनए टेस्टिंग की मदद से गुओ गैंगटन के बच्चे की पहचान हो सकी और इस सिलसिले में पुलिस ने दो संदिग्ध लोगों का पता लगाकर उन्हें धर-दबोचा। 

चाइना न्यूज़ के मुताबिक़, जिन दो संदिग्धों को पकड़ा गया है, वर्षों पहले डेटिंग कर रहे थे और तब उन्होंने ये सोचकर गुओ गैंगटन के बच्चे को चुराया था कि उसे बेचकर पैसा कमाएँगे।  बच्चे को चुराकर दोनों हेनान प्रांत ले गए, जहाँ उसे बेच दिया गया।  

ये घटना वर्ष 1997 की है।  ख़बरों में कहा गया है कि अपने बच्चे के लापता होने के बाद गुओ गैंगटन ने बाइक से पूरे चीन में 20 से ज़्यादा प्रांतों की खाक छानी।  वो हर उस जगह पहुँचे, जहाँ उन्हें अपने बच्चे के मिलने का सुराग मिला।  इस लंबे सफऱ में कई बार उनके साथ दुर्घटनाएँ हुईं, उनकी हड्डियाँ टूटी।  यहाँ तक कि हाइवे पर उनके साथ लूटपाट भी हुई। उनकी 10 बाइक इस दौरान क्षतिग्रस्त हुईं। 

इस तलाश के दौरान गुओ गैंगटन ने अपने बच्चे की तस्वीरों को बैनर की शक्ल दी।  उन्होंने पुलों के नीच सोकर रात गुज़ारी और पैसा ख़त्म होने पर लोगों से भीख तक माँगी, ताकि उनका मिशन जारी रहे।  इस दौरान गुओ गैंगटन चीन में लापता हुए लोगों के संगठन में एक अहम सदस्य बन गए और उनकी बदौलत कम से कम सात अन्य लापता बच्चे अपने माता-पिता से मिल सके।  जैसी ही ये ख़बर आई कि गुओ गैंगटन के बच्चे का पता चल गया है, चीन के सोशल मीडिया पर गुओ के समर्थन में संदेशों की बाढ़-सी आ गई। 

चीन के माइक्रो-ब्लॉलिंग प्लेटफॉर्म वीबो पर एक व्यक्ति ने लिखा- कई माता-पिता ने तो वर्षों पहले ही अपनी उम्मीद खो दी थी।  लेकिन वो (गुओ) कमाल के हैं और मैं उनके लिए वाकई बेहद ख़ुश हूँ।  गुओ भी वर्षों बाद अपने बेटे से मिलने पर फूले नहीं समा रहे हैं।  

चीन में बच्चों का अपहरण और उनकी तस्करी दशकों पुरानी समस्या है।  साल 2015 में एक अनुमान लगाया गया था, जिसके मुताबिक़ चीन में हर वर्ष 20 हज़ार बच्चों का अपहरण कर लिया जाता है।  इनमें से अधिकतर बच्चों को चीन में और विदेशों में बेच दिया जाता है।