यूरोप का वेटिकन शहर 'शिवलिंग' के आकार का है ये बात जानने में अटपटी ज़रूर लगेगी लेकिन ये सच है। जैसा की हम जानते हैं हर धर्म में भगवान के अस्तित्व को लेकर तरह-तरह के तर्क दिए जाते हैं। किसी का मानना है भगवान कण-कण में वास करते हैं किसी का कहना है भगवान मंदिरों में वास करते हैं। ये बहस आज भी गर्म है लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि यूरोप के वेटिकन शहर का आकर 'शिवलिंग' के आकर पर आधारित है।

 


इतिहासकार पीएन ओक ने वेटिकन सिटी और 'शिवलिंग' के संबंध को लेकर एक ऐसा तर्क दिया है। पीएन ओक ने इन दोनों के संबंध में जो तर्क दिया है वो बेहद रोचक है। जब आप वेटिकाक सिटी के एरियल व्यू को देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि वह काफी हद तक 'शिवलिंग' के आकार का है। ध्यान से देखने पर आपको दिखेगा कि शहर के एक तरफ त्रिपुण्ड्र ( भगवान शिव के माथे पर लगी तीन लाइन ) दिख रहा है जिसका सीधा संबंध भगवान शिव से है।


पीएन ओक ने इसी त्रिपुण्ड्र को लेकर तर्क दिया है कि वेटिकन शब्द संस्कृत के एक शब्द वटिका ( Vatika ) से लिया गया है। उनका कहना था कि इससे पता चलता है कि वेटिकन में क्रिस्चीऐनिटी के अस्तित्व में आने से पहले वह हिंदु का धार्मिक केंद्र था।इतिहासकार पीएन ओक के इस दावे को और बल तब मिल गया जब पुरातात्विक खुदाई के दौरान वेटिकन सिटी में एक 'शिवलिंग' की खोज हुई।

खुदाई में पाया गया ये 'शिवलिंग' इट्रस्केन संग्रहालय में रखा गया है। पीएन ओक के सिद्धांत के मुताबिक, क्रिस्चीऐनिटी और इस्लाम हिंदू धर्म के व्युत्पन्न (derivatives) शब्द हैं। उनके सिद्धांत का सिद्धांत ये भी कहता है कि ताज महल एक हिंदु मंदिर है जो भगवान शिव को समर्पित है साथ ही उन्होंने क्रिस्चीऐनिटी शब्द को कृष्ण नीति से जोड़ा था।