आंध्र प्रदेश के धर्मावरम के एक हथकरघे ने ऐसी अनोखी साड़ी बनाई है जिसकी चर्चा चारों तरफ हो रही है। यहां पर 13 भारतीय भाषाओं में 32200 बार लिखे 'जय श्री राम' के साथ 60 मीटर लंबी रेशम की साड़ी बुनकर भगवान राम के प्रति अपनी भक्ति दिखाई है। खबर है कि इस साड़ी के लिए रेशम का कपड़ा 60 मीटर लंबा, 44 इंच चौड़ा है और इसमें जय श्री राम का नारा 13 भारतीय भाषाओं में 32,200 बार बुना गया है।

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श्री सत्य साईं जिले के धर्मावरम में रहने वाले इस हथकरघा बुनकर का नाम जुजारू नागराजू के रूप में हुई है। उन्होंने इस अनूठी रेशमी साड़ी को 'राम कोटि वस्त्रम' का नाम दिया है। विभिन्न भाषाओं में नारे ही नहीं, साड़ी पर न सिर्फ रामायण के सुंदरकांड, बल्कि भगवान राम के 168 अलग-अलग चित्र भी हैं।

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खबर है कि इस काम को पूरा करना आसान नहीं था और इस अनूठी साड़ी को बनाने में काफी मेहनत के साथ-साथ पैसा भी खर्च हुआ। नागराजू ने 16 किलो रेशमी कपड़े की डिजाइन और बुनाई के लिए 4 महीने बिताए। इस साड़ी को बुनने में पूरे चार महीने तीन लोग काम करते थे। बुनकर ने मास्टरपीस बनाने के लिए अपनी व्यक्तिगत बचत से 1.5 लाख रुपये का निवेश किया। उन्होंने अब अयोध्या रामालयम को साड़ी गिफ्ट करने का फैसला किया है।