सैंटियागो फ्लाइट-513, 4 सितंबर, 1954 में 92 यात्रियों के साथ जर्मनी से ब्राजील के लिए उड़ान भरी थी। यह सफर 18 घंटे का था। लेकिन महीनों बीत गए। यह फ्लाइट ब्राजील नहीं पहुंची और न ही लैंड हुई। उस समय प्रशासन सहित सभी लोगों ने यह मान लिया था कि नीला आकाश उस फ्लाइट को निगल चुका है। इसकी फाइले बंद कर दी गई। 

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लेकिन इसके बाद जो हुआ उसके बारे में जानकर आपके होश उड़ जाएंगे। 35 साल बाद 1989 में वहीं फ्लाइट ब्राजील के एक एयरपोर्ट पर लैंड करती है। जिसके बाद वहां के ऑथॉरिटीज ने पायलट से संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। उन्हें कोई जवाब ही नहीं मिला।

उसके बाद अथॉरिटीज के अधिकारी फ्लाइट पर चढ़े। लेकिन वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। फ्लाइट के यात्रियों के कंकाल कुर्सी के सीट बेल्ट से बंधे हुए थे। इसके बाद अधिकारी कॉकपिट की तरफ भागे। तो पायलट के भी कंकाल हीं सीट बेल्ट से बंधे हुए थे। ऐसे में यह सवाल यह है कि जब पायलट के कंकाल बंधे हुए थे तो प्लेन कौन उड़ा रहा था। 

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वैज्ञानिकों ने पूरे मामले की बहुत जांच की, लेकिन वे इस रहस्य को सुलझा नहीं पाए। उन्हें कोई उत्तर नहीं मिला। बता दें कि ऐसे कई रहस्य है जिसका जवाब विज्ञान के पास भी नहीं है।