‘टार्जन’ या ‘मोगली’ जैसी फिल्मों में इंसान जंगलों में जानवरों के साथ अपनी जिंदगी गुजारते हुए दिखाते हैं। जबकी कोई भी इंसान 1-2 हफ्ते से ज्यादा जंगल में नहीं रह सकता है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि एक शख्स वाकई में टार्जन है जो 41 साल से जंगलो में जानवारों के साथ रह रहा था और सो रहा था। हैरानी की बात तो यह है कि इस शख्स से सभी जानवारों की दोस्ती भी है।


इतने साल जंगलों में जानवरों के साथ बिताने के बाद रियल टार्जन ने  इंसानों की दुनिया में आने का फैसला किया। आपको बता दें कि  जैसे ही टार्जन इंसानों की दुनिया में आया वैसे उसके साथ चौंकाने वाली घटनाएं होने लगी। 41 साल तक जंगलों में रहने के बाद उसे इंसानी सभ्यता में लाया गया था, लेकिन दुख की बात यह है कि ‘असली टार्जन’ की इंसानों के बीच महज आठ साल में ही मौत हो गई। उसकी मौत की वजह भी काफी दर्दनाक है।

हो वैन लैंग ने अपने पिता के साथ 1972 में जंगलों में रहने चले गए थे, जब वियतनाम युद्ध के दौरान अमेरिकी बमबारी में उनके आधे परिवार की मौत हो गई थी। हो वैन लैंग अपने पिता के साथ वियतनाम के जंगलों में रहता था। उसके पिता हो वैन थान एक वियतनामी सिपाही थे जो वियतनाम युद्ध के दौरान अपने छोटे से बच्चे की जिंदगी बचाने के लिए जंगलों में छुपने के लिए आ गए थे। उनकी पत्नी और दो अन्य बच्चों की एक बम धमाके में मौत हो गई थी। तब से ही बाप-बेटे जंगलों में रहने लगे थे।