पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा के अगरतला में एक अजीबोगरीब घटना से लोग दहशत में हैं। यहां कठहलतली गांव के मधुबन इलाके में लावा जैसा तरल पदार्थ जमीन से निकलते देखा गया। इस घटना के बाद वैज्ञानिकों का दल जांच के लिए अगरतला पहुंचा हुआ है। बताया जा रहा है कि लोग उस वक्त हैरान हो गए जब बिजली के खंभे के पास से लोगों ने ज्वलनशील तरल पदार्थ का निकास होते हुए देखा। लोगों ने तत्काल प्रशासन को इसकी खबर दी जिसके बाद त्रिपुरा स्पेस एप्लिकेशन सेंटर (टीएसएसी) के वैज्ञानिकों का दल घटनास्थल पर पहुंचा।


वैज्ञानिकों का कहना है कि त्रिपुरा और इसके आस-पास के इलाकों में बीते एक साल में इस तरह की यह चौथी घटना है। जो चिंता का विषय है। यदि जमीन से लावा निकलता है तो भूकंप के लिहाज से यह बेहद खतरनाक है। टीएसएसी के प्रमुख भू-विज्ञानी अभिषेक चौधरी ने बताया कि बांग्लादेश में चटगांव के सबरूम के पास कुछ दिन पहले ही जमीन से लावा निकला था। जिसके बाद वहां लोगों के बीच दहशत छा गई थी।


अभिषेक चौधरी ने बताया कि लावा के नमूने लिए गए हैं। उनके विश्लेषण के बाद ही यह साफ़ हो सकेगा कि लावा क्यों जमीन से निकला है। अमूमन जमीन से लावा तब ही निकलता है जब टेक्टोनिक प्लेटों का मूवमेंट होता है। मालूम हो कि पूर्वोत्तर भारत के सात राज्यों-असम, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, और मणिपुर के इलाके को दुनिया में छठा प्रमुख भूकंप-संभावित बेल्ट माना जाता है। 1897 में त्रिपुरा में रिक्टर पैमाने पर 8.7 तीव्रता का भूकंप आया था। उस वक्त 1,600 से ज्यादा लोगों की मौत यहां हुई थी।