कोरोना वायरस का कहर को थामने के लिए देशभर में वैक्सीनेशन जारी है लेकिन अब अस्पतालों में अधिकतर मरीजों की मौत का कारण ऑक्सीजन की शॉर्टेज है। कोरोना मरीजों में ऑक्सीजन की कमी जानलेवा साबित हो रही है। 

देश के तमाम बड़े हॉस्पिटल्स में सैकड़ों लोग ऑक्सीजन की कमी के चलते दम तोड़ रहे हैं। विदेशों से भी ऑक्सीजन की सप्लाई हो रही है लेकिन अभी तक इसकी पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ऐसे में हजारों लोग ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए घरेलू नुस्खे को अपना रहे हैं।

वैसे तो आर्युवेद में भी कई ऐसे देसी तरीके बताए गए हैं जिनके जरिए हम अपना ऑक्सीजन लेवल बढ़ा सकते हैं। जैसे पीपल (Ficus religiosa) के पेड़ को आर्युवेद में पवित्र और जीवनरक्षक बताया गया है और इससे ऑक्सीजन की कमी को भी पूरा किया जा सकता है।

 मालूम हो कि हाल ही में यूपी के शाहजहांपुर के तिलहर में कुछ लोगों को जब सांस लेने में दिक्कत हुई तो वे पीपल के पेड़ के नीचे लेट गए। यही वजह है कि इन दिनों कुछ लोगों ने पीपल के पत्तों का सेवन करना शुरू कर दिया है। जानिए पीपल के अनगिनत चमत्कारी गुण और इसके होने वाले फायदे।

आयुर्वेद में पीपल के पत्तों को नीम की तरह औषधीय माना जाता है। अगर आपको सांस संबंधी किसी भी तरह की समस्या है तो पीपल का पेड़ बहुत फायदेमंद हो सकता है। पीपल के पेड़ की छाल का अंदरूनी हिस्सा निकालकर सुखा लें और सूखे हुए इस भाग का चूर्ण बनाकर खाने से सांस संबंधी सभी समस्याओं को दूर किया जा सकता है।

बताया जाता है कि प्रतिदिन दो पीपल के पत्ते का सेवन करने से ऑक्सीजन के सेचुरेशन लेवल को ठीक किया जा सकता है। नीम के पत्तों की तरह ही आप पीपल के 2 पत्ते हर रोज चबाएं जिससे ऑक्सीजन की कमी को पूरा किया जा सकता है। पीपल के पत्तों को छांव में सुखाकर मिश्री के साथ काढ़ा बनाकर पीने से सर्दी-जुकाम से छुटकारा पाया जा सकता है।

पीपल का पत्ता रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी हमारे इम्यून सिस्टम को भी स्ट्रांग बनाता है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच सभी लोग अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए नए-नए तरीके आजमा रहे हैं, ताकि कोविड से बच सकें। पीपल के पत्ते के साथ गिलोय के तने का मिश्रण तैयार करें और इस मिश्रण का सेवन दिन में तीन- चार बार करें। इससे आप अपना इम्यून सिस्टम मजबूत कर सकते हैं।