इंसान कोरोना का करह तो झेल ही रहा है साथ और मुसीबतें हैं जो पीछा नहीं छोड़ रही है। हाल ही में वैज्ञानिकों ने खबर दी है कि धरती के बेहद करीब से उल्कापिंड आ रहा है। ये धरती से टकराएगा या नहीं इसके बारे में वैज्ञानिकों ने जानकारी नहीं दी है। लेकिन यह जरूर बताया है कि ये धरती से बेहद करीब से गुजरेगा। वैसे बता दें कि वैज्ञानिकों इसको लेकर काफी उत्सुकता है।

वैज्ञानिकों ने जानकारी दी है कि यह 19 हजार किमी की रफ्तार से गुजरने वाला है और इस उल्कापिंड को लेकर कई अफवाहें फैलाई जा रही थी जैसे 29 अप्रैल के बाद दुनिया खत्म हो जाएगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं है, खगोलीय वैज्ञानिकों ने इन बातों को महज अफवाह बताया है। आर्य भट्ट प्रेक्षण विज्ञान एवं शोध संस्थान (एरीज) के वरिष्ठ खगोल वैज्ञानिक डॉ. शशि भूषण पांडे के अनुसार पृथ्वी के करीब से गुजरने वाले उल्कापिंड की प्रक्रिया एक खगोलीय घटना है।

उन्होंने इसके बारे में जानाकारी देते हुए बताया कि 1998 OR2 नाम से प्रचलित यह उल्कापिंड हवाईद्वीप समूह पर नीट नामक प्रोग्राम के तहत खोजा गया था। इसी के साथ उन्होंने कहा कि ग्रह के पृथ्वी के पास से गुजरने की प्रक्रिया खास रोचक होती है। इन्होंने बताया कि यह उल्कापिंड आज पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी के 16 गुना अधिक दूरी से गुजरेगा।