अमेरिका के वर्जीनिया राज्य में एक ऐसा व्यक्ति है जिसके पास ‘सुपर एंटीबॉडी’ पावर है। जॉन हॉलिस नाम के इस व्यक्ति के शरीर की एंटीबॉडी कोरोना वायरस को बेअसर करने में बेहद प्रभावी हैं। अब माना जा रहा है कि उनकी एंटीबॉडी से ऐसी वैक्सीन बन सकती है जो वायरस के नए वैरिएंट्स को भी जड़ से खत्म कर सकती है। हॉलिस की एंटीबॉडी इतनी ताकतवर हैं कि अगर उन्हें द्रव्य मिलाकर 10 हजार गुना पतला भी किया जाए तो भी वे बीमारी को हरा सकती हैं।

जॉन ने कहा है कि पिछले साल मार्च में वो अपने 16 साल के बेटे के साथ यूरोप के ट्रिप से लौटे थे। तब उन्हें थोड़ी जकड़न महसूस हुई लेकिन यह ज्यादा गंभीर नहीं था। उन्हें लगा कि यह मौसमी एलर्जी होगी। इसके कुछ हफ्ते बाद उनका रूममेट कोरोना संक्रमित मिला और उसकी हालत बहुत ज्यादा खराब हो गई। जॉन ने कहा, ‘हम वायरस के बारे में तब ज्यादा नहीं जानते थे। मेरा रूममेट काफी ज्यादा बीमार था। मुझे लगा कि ऐसा मेरे साथ भी हो सकता है और मैं अपने बेटे को दोबारा नहीं देख पाऊंगा।’

जॉन का कहना है कि उन्होंने तो अपने बेटे के लिए आखिरी पत्र तक लिख लिया था लेकिन शुक्र है कि उसे कभी दिया नहीं। जॉन का दोस्त ठीक हो गया लेकिन वह जरा भी बीमार नहीं हुए। जॉन हॉलिस एक यूनिवर्सिटी में कम्युनिकेशन मैनेजर हैं। यहां के एक डॉक्टर लैंस लिओट्टा कोरोना एंटीबॉडी पर क्लिनिकल ट्रायल कर रहे थे। पिछले साल जुलाई में जॉन ने उनकी स्टडी पर उनकी मदद करने लगे। वे कैंपस से वॉलिंटियर्स को स्टडी के लिए लाने लगे।

जॉन ने यह भी कहा कि मैंने डॉक्टर लैंस से उनकी स्टडी के रिजल्ट के बारे में पूछा। मैंने उन्हें बताया कि मेरे रूममेट को कोरोना हुआ था लेकिन मैं बच गया। इसके बाद डॉक्टर ने जॉन की लार और खून के नमूने लिए जिससे पता चला कि उन्हें कोरोना हुआ था लेकिन उनकी एंटीबॉडी ने उसे खत्म कर दिया। डॉक्टर लैंस ने बताया, ‘जॉन की एंटीबॉडी इतनी ताकतवर हैं कि अगर उन्हें द्रव्य मिलाकर 10 हजार गुना पतला भी किया जाए तो वे बीमारी को हरा सकती हैं।’