पश्चिमी अमेरिका का ऊटा राज्य कई मायनों में बहुत खास है। यहां मौजूद तमाम पहाड़ियों के बीच एक ऐसी भी पहाड़ी है जहां करीब 100 से अधिक लोगों का बसेरा है। ये लोग न आदिवासी हैं ना ही प्रवासी हैं लेकिन फिर भी एक खास मान्यता के चलते इन्होने अपना अलग समुदाय (Bizarre commune) ही बना लिया है। ये सभी लोग एक कट्टरपंथ मोरमन (fundamentalist Mormons) को मानने वाले हैं जहां हर आदमी की एक से अधिक पत्नियां हैं।

यहां एक बड़ी चट्टान के भीतर करीब 15 परिवार रहते हैं जो मानते हैं कि एक से अधिक पत्नी होना मरने के बाद स्वर्ग का द्वार खोलता है। चट्टान को रॉकलैंड रैंच (Rockland Ranch) कहा जाता है।

रॉकलैंड रैंच देखने में तो किसी भी अन्य चट्टान जैसा दिखता है लेकिन यह रिहायशी इलाका है। यहां रहने वाले मोरमन लोग 1970 के दशक में यहां आए। इस पंथ की शुरुआत बॉब फॉस्टर ने की थी। फॉस्टर एक अध्यापक था जिसकी 3 पत्नियां और 38 बच्चे थे। बहुविवाह करने के चलते बॉब फॉस्टर को जेल हुई थी, जब वो जेल से रिहा हुआ, उसने अपना अलग समुदाय ही बना लिया अपनी पत्नियों के साथ वो रॉकलैंड रैंच में रहने लगा।

उसकी सोच से इत्तेफाक रखने वाले कुछ ईसाई कट्टरपंथी भी उसके साथ रॉकलैंड रैंच पर रहने लगे, धीरे-धीरे यह एक बड़ा परिवार बन गया, ऐसा माना जाता है अब भी वहां रहने वाले बहुत से लोग बॉब फॉस्टर के ही बच्चे हैं। रॉकलैंड रैंच को कई जगहों से डायनामाइट से उड़ाया गया है जिससे बड़ी-छोटी गुफाएं बन गई हैं, इन्हीं गुफाओं में लोग घर बनाकर रहते हैं और जैसे-जैसे परिवार बढ़ता जाए, घरों की संख्या भी बढ़ती जाती है। शुरुआती दौर में यहां सिर्फ एक जनरेटर था और टॉयलेट्स की सुविधाएं भी नहीं थीं।

अब यह मोरमन समुदाय आत्मनिर्भर बन चुका है, यहाँ अपने खेत हैं, सौर ऊर्जा के स्रोत हैं, पोल्ट्री फार्म हैं और साथ ही हाईवे को जोड़ने वाली सड़क है। अमेरिका में बहुविवाह की मान्यता नहीं है, इसी वजह से बॉब फॉस्टर को जेल में बंद किया गया था। इसलिए समाज की मुख्य धारा से अलग इस समुदाय ने अपनी अलग दुनिया बसा ली है।

टेलीग्राफ में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार यहां के लोग शांतिप्रिय हैं, एक आदमी की सभी पत्नियां आपस में प्रेम से रहती हैं। उनपर बहुविवाह की प्रथा किसी ने थोपी नहीं है, बल्कि ये उनकी खुद की ही चॉइस है। यहाँ की सभ्यता हिप्पियों वाली है, यहां बच्चे स्कूल जाने के अलावा अपने खेतों में और पोल्ट्री फार्मों में भी काम करते हैं। अपने परिवार वालों के साथ मिलजुलकर रहना यहाँ आदमियों की जिम्मेदारी है।

यहां एक बड़ी चट्टान के भीतर करीब 15 परिवार रहते हैं जो मानते हैं कि एक से अधिक पत्नी होना मरने के बाद स्वर्ग का द्वार खोलता है। चट्टान को रॉकलैंड रैंच (Rockland Ranch) कहा जाता है।

रॉकलैंड रैंच देखने में तो किसी भी अन्य चट्टान जैसा दिखता है लेकिन यह रिहायशी इलाका है। यहां रहने वाले मोरमन लोग 1970 के दशक में यहां आए। इस पंथ की शुरुआत बॉब फॉस्टर ने की थी। फॉस्टर एक अध्यापक था जिसकी 3 पत्नियां और 38 बच्चे थे। बहुविवाह करने के चलते बॉब फॉस्टर को जेल हुई थी, जब वो जेल से रिहा हुआ, उसने अपना अलग समुदाय ही बना लिया अपनी पत्नियों के साथ वो रॉकलैंड रैंच में रहने लगा।

उसकी सोच से इत्तेफाक रखने वाले कुछ ईसाई कट्टरपंथी भी उसके साथ रॉकलैंड रैंच पर रहने लगे, धीरे-धीरे यह एक बड़ा परिवार बन गया, ऐसा माना जाता है अब भी वहां रहने वाले बहुत से लोग बॉब फॉस्टर के ही बच्चे हैं। रॉकलैंड रैंच को कई जगहों से डायनामाइट से उड़ाया गया है जिससे बड़ी-छोटी गुफाएं बन गई हैं, इन्हीं गुफाओं में लोग घर बनाकर रहते हैं और जैसे-जैसे परिवार बढ़ता जाए, घरों की संख्या भी बढ़ती जाती है। शुरुआती दौर में यहां सिर्फ एक जनरेटर था और टॉयलेट्स की सुविधाएं भी नहीं थीं।

अब यह मोरमन समुदाय आत्मनिर्भर बन चुका है, यहाँ अपने खेत हैं, सौर ऊर्जा के स्रोत हैं, पोल्ट्री फार्म हैं और साथ ही हाईवे को जोड़ने वाली सड़क है। अमेरिका में बहुविवाह की मान्यता नहीं है, इसी वजह से बॉब फॉस्टर को जेल में बंद किया गया था। इसलिए समाज की मुख्य धारा से अलग इस समुदाय ने अपनी अलग दुनिया बसा ली है।

एक रिपोर्ट के अनुसार यहां के लोग शांतिप्रिय हैं, एक आदमी की सभी पत्नियां आपस में प्रेम से रहती हैं। उनपर बहुविवाह की प्रथा किसी ने थोपी नहीं है, बल्कि ये उनकी खुद की ही चॉइस है। यहाँ की सभ्यता हिप्पियों वाली है, यहां बच्चे स्कूल जाने के अलावा अपने खेतों में और पोल्ट्री फार्मों में भी काम करते हैं। अपने परिवार वालों के साथ मिलजुलकर रहना यहाँ आदमियों की जिम्मेदारी है।