थाइलैंड के एक मछुआरे के साथ कुछ ऐसा जिसको लेकर हर कोई हैरान है। इस मछुआरे ने कुछ दिन पहले ही गिफ्ट मिलने का सपना देखा था जो सच हो गया। इस मछुआरे को एक ऐसा दुर्लभ मोती हाथ लगा है जिसने उसकी किस्मत ही बदल दी है। इस मोती की कीमत करीब 2.5 करोड़ रुपये है। हचाई नियोमादेचा नाम के इस मछुआरे ने सपना देखा था कि उन्हें समुद्र तट पर कोई गिफ्ट मिलने वाला है और उनका यह सपना सच साबित हो गया।

हचाई समुद्र तट पर अपने परिवार के साथ सीप चुनने में लगे थे तभी उनकी नजर पानी में तैरती एक वस्तु पर गई जिस पर कई सीप लगे थे। इनमें से तीन स्नेल शेल थे। हचाई अपने भाई के साथ उसे लेकर पिता के पास पहुंचे। पिता ने जब सीप की सफाई की तो उन्हें दुर्लभ नारंगी रंग का मोती दिखाई दिया। ये मोती सी स्नेल समुद्री घोंघे से बनता है और शेल में ही रहता है। जबकि पारंपरिक मोती ओएस्टर्स के अंदर मिलते हैं।

अगले दिन हचाई ने जब इस मोती की कीमता पता की तो उनके होश उड़ गए। क्योंकि 7.68 ग्राम के इस रत्न की कीमत 2.5 करोड़ रूपये बताई गई। हचाई के घर इसे देखने वालों का तांता लग गया है। हचाई के अनुसार उन्हें कुछ दिन पहले सपना आया था जिसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति ने उनसे समुद्र तट पर जाकर तोहफा लेने के लिए कहा था। हालांकि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि ऐसा कुछ होगा लेकिन अब जब सपना सच हो गया है तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है।

अब तक इस मोती के लिए कई खरीददार आ चुके हैं लेकिन हचाई ने इसे बेचा नहीं है। उन्होंने साफ कह दिया है कि जब उन्हें सही दाम नहीं मिल जाता वो इसे नहीं बेचेंगे। उनका कहना है कि मैं ज्यादा से ज्यादा कीमत पर इसे बेचना चाहता हूं ताकि पूरे परिवार का जीवन हमेशा के लिए संवार सकूं। दुर्लभ मोती के खबर वायरल होने के बाद चीन के एक व्यापारी ने उनसे संपर्क किया है। यह व्यापारी अगले हफ्ते थाईलैंड पहुंचेगा।
मेलो मोती नारंगी और भूरे रंग के होते हैं। इनमें से सबसे महंगा मोती नारंगी ही होता है। आमतौर पर ये दक्षिण चीन सागर और म्यांमार के पास अंडमान सागर में पाए जाते हैं। हचाई को नाखो सि थमारत प्रांत के तट पर यह मोती मिला था। माना जा रहा है कि यह दक्षिणी चीन सागर से पानी में बहते हुए वहां पहुंचा होगा।