किसी ने सच ही कहा है कि टेक्नोलॉजी के फायदें अनेक हैं। फेसबुक ने सालों पहले बिछड़े भाई-बहन को मिलवा दिया है। अब चौदह साल बाद ये बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधेगी।


किशोरी जब तीन साल की थी, तब उसके माता-पिता अलग हो गए थे। भाई पिता के साथ और वो मां के साथ रहने लगी। मां ने दूसरी शादी कर ली। लेकिन मां और सौतेले पिता परेशान करते थे।


पिता और भाई की शक्ल भी उसे याद नहीं थी। एक दिन बातों-बातों में मां ने भाई का नाम लिया तो किशोरी ने फेसबुक पर उसकी आईडी सर्च की। उसके नंबर लेकर उससे संपर्क किया। जिसके बाद भाई अपनी बहन को लेने आ गया।


मामला पुलिस तक पहुंचा तो एसएचओ संजीव शर्मा ने एसडीएम कोर्ट में किशोरी के बयान दर्ज कराकर भाई के साथ भेज दिया। पुलिस ने बताया कि किशोरी नाबालिग है। उसने भाई और पिता के साथ रहने की इच्छा जताई, इसलिए उसे एसडीएम कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद भाई के साथ दिल्ली भेज दिया। अब दोनों भाई-बहन 14 साल बाद 15 अगस्त पर रक्षाबंधन मनाएंगे। ये दोनों भाई बहन अब फेसबुक को धन्यवाद दे रहे हैं।