अंडे को लेकर पूरी दुनिया में कन्फ्यूजन है कि अंडा शाहकारी है या मांसाहारी। सदियां गुजर गई लेकिन इसका सटीक जवाब आज तक नहीं मिल पाया है। कई लोग शाकाहारी लोग मानते हैं कि अंडा शाहकारी होता है उनका मानना है कि मुर्गी देती है इसलिए वह नॉन-वेज माना जाएगा। जबकि वैज्ञानिकों की थ्योरी लोगों के इस तर्क को झूठा साबित करती है।

हालांकि कुछ ऐसे लोग भी हैं जो इस थ्योरी को सही नहीं ठहरा रहे हैं। लोगों का कहना है कि अंडे से चूजा निकलता है इसलिए यह मांसाहारी है। इसके लिए भी वैज्ञानिकों ने जवाब तलाशा है। दरअसल, बाजार में मिलने वाले सारे अंडे अनफर्टिलाइज्ड होते हैं। यानी इन अंडों से कभी भी चूजे बाहर नहीं निकलते। ऐसे में अगर इस तर्क को मान लिया जाए तो अंडा शाकाहारी हुआ।

अंडे में तीन परते होती हैं. पहली छिल्का, दूसरी सफेदी और तीसरा अंडे की जर्दी यानी योक (पीला हिस्सा)। अंडे पर की गई एक रिसर्च के अनुसार, इसकी सफेदी में सिर्फ प्रोटीन ही होता है। इसमें जानवर का कोई भी हिस्सा मौजूद नहीं होता है। इसलिए तकनीकी रूप से एग वाइट यानी सफेदी वेज होती है।

मुर्गी 6 महीने होने के बाद से अंडे देने लगती है और हर 1 या डेढ़ दिन में अंडे देती है। ऐसा बिल्कुल नहीं होता कि मुर्गी किसी भी मुर्गे के साथ संपर्क में जरूर आए। इन अंडों को ही अनफर्टिलाइज्ड एग कहा जाता है। वैज्ञानिकों का दावा है कि इनमें से कभी चूजे नहीं निकल सकते इसलिए मार्केट में मिलने वाले अंडे शाकाहारी कैटिगरी में ही गिन जाएंगे।