टैक्स के बारे में सुना होगा। आप में से बहुत लोग टैक्स पे भी करते होंगे, लेकिन आज हम जिन टैक्स के बारे में आपको बताने जा रहे हैं उन्हें पढ़कर आप हैरान रह जाएंगे। आप सोच भी नहीं सकते कि इन चीजों पर भी टैक्स लिया जाता है।

ऑरकैंसस में शरीर पर टैटू बनवाने पर टैक्स भरना पड़ता है। इतना ही नहीं टैटू के साथ-साथ कोई अगर बॉडी पियर्सिंग या इलेक्ट्रोलीसिस ट्रीटमेंट करवाता है तो उसे भी सेल्स टैक्स के तहत 6% टैक्स देना होता है।


सन् 1705 में रुस के राजा पीटर द ग्रेट ने पश्चिम यूरोप के क्लीन शेव लोगों को देखकर अपने राज्य में दाढ़ी-मूंछ रखने वालों पर टैक्स लगाया था। ऐसे लोगों को दाढ़ी टोकन दिए गए थे, ताकि पता चल सके कि इन्होने टैक्स भर दिया है। जो लोग टैक्स नहीं भरते थे उनकी दाढ़ी-मूंछ साफ करवा दी जाती थी।


आपको पढ़कर हैरानगी हो रही होगी कि यह कैसा कर है, मगर इतिहास में ऐसा भी हुआ है। ब्रेस्ट को माप कर टैक्स कलेक्टर्स टैक्स वसूलते थे। जिससे परेशान होकर एक बार तो एक महिला ने अपनी ब्रेस्ट ही काटकर टैक्स कलेक्टर के हाथ में ही दे दी थी। ब्रेस्ट टैक्स के बारे में सुनकर थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन भारत के इतिहास में यह शर्मसार करने वाला टैक्स लगाया था।

यकीन नहीं हुआ न... जी हां, त्रावणकोर साम्राज्य के दौरान केरल में गरीब और छोटी जाति की महिलाओं पर वक्ष कर लगता था। राज परिवार की महिलाओं को छोड़कर राज्य की हर महिला को अपने वक्ष ढकने का अधिकार पाने के लिए वक्ष कर देना पड़ता था। इस अपमान और ज्यादती से परेशान होकर नांगेली नामक महिला ने अपने वक्ष काटकर कर वसूलने वाले के हाथ में थमा दिए थे। भारी रक्तस्राव के चलते उसकी मौत हो गई लेकिन भारतीय इतिहास में काले धब्बे की तरह जमा ये कर तभी समाप्त कर दिया गया।


अमेरिका के अल्बामा राज्य में ताश के पत्ते खरीदने या बेचने पर भी टैक्स लगा है। जो लोग ताश के पत्तों को खरीदते हैं उनको 10 सेंट टैक्स देना होता है, वहीं पत्तों को बेचने वालों को एक डॉलर देना होता है। इसके अलावा विक्रेता को तीन डॉलर प्रति वर्ष लाइसेंस फीस के रुप में भी देने होते हैं।


रोम के राजा वेस्पेशियन ने पब्लिक यूरिनल पर टैक्स सिस्टम स्टार्ट का ऐलान किया था। पब्लिक यूरिनल से एकत्रित यूरिन को काफी सारे केमिकल प्रोसेस में इस्तेमाल किया जाता था। वहां कपड़ों को धोने के लिए भी यूरीन का प्रयोग किया जाता था। जो इंडस्ट्री यूरिन खरीदती थी उन्हें कर भरना पड़ता था।


इंग्लैंड में जूलियस सीजर ने 1695 में और पीटर द ग्रेट ने 1702 में बैचलर टैक्स को लागू किया था। अमेरिका के एक स्टेट मिजॉरी में भी इस कानून को 21 साल से 50 साल के बैचलर पुरुषों पर लागू किया गया था। इन बैचलर्स को बाजार में बिना कपड़ों के जाना पड़ता था और अपना ही मजाक उड़ाते हुए घूमना पड़ता था।


1696 में इंग्लैंड के राजा विलियम तृतीय ने विंडो टैक्स लगाया था। इस टैक्स के अनुसार किसी घर में 10 से ज्यादा खिड़कियां होने पर 10 शिलिंग का टैक्स देना होता था। इस कानून के चलते कई लोगों ने अपने घरों में मौजूद 10 से ज्यादा खिड़कियों को बंद करा दिया था, जिसके सबूत आज भी इमारतों में मौजूद हैं।