इटावा। उत्तर प्रदेश (UP)में इटावा जिले (Etawah District) के बीहड़ी इलाके चकरपुर में वरमाला के बाद दुल्हन (Bride) ने शादी से इसलिये इंकार कर दिया क्योंकि उसे बताया गया कि विवाह के बाद उसे गांव में रहना होगा जो कभी खूंखार डाकुओं के लिये कुख्यात रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह (Senior Superintendent of Police Jaiprakash Singh) ने सोमवार को बताया कि चकरनगर में एक विवाह समारोह के दौरान दुल्हन और दूल्हा पक्ष के बीच मामूली विवाद की सूचना मिली थी। 

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षो से जानकारी की। दोनो पक्षो के ओर से कोई शिकायत नही दी गयी है और आपस में समझौता कर शादी को रद्द कर दिया है। जिले के बिठौली क्षेत्र के बंसरी गांव के विपिन कुमार की शादी जालौन की डाली के साथ होनी थी। पूरा आयोजन चकरनगर के एक निजी गेस्ट हाउस में होने वाला था। विपिन की बारात 22 जनवरी की शाम को धूमधाम से गेस्ट हाउस पहुंची। बरातियों के स्वागत के बाद वरमाला का कार्यक्रम पूरा हुआ। इसके बाद बराती-घरातियों का भोजन शुरू हो गया। 

शादी के अन्य संस्कार आधी रात को शुरू होने थे। दूल्हा-दुल्हन (Groom-Bride) को मंडप के नीचे बैठाए गए और मांग भराई की रस्म शुरू हुई। सात फेरे होने ही वाले थे कि इस दौरान दुल्हन को पता चल गया कि विदाई के बाद उसे बंसरी गांव जाकर रहना होगा। बताते हैं कि यह पता चलते ही उसने फेरे लेने से इनकार कर दिया। लोगों ने दुल्हन को समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन वह नहीं मानी। दुल्हन के इंकार के चलते थोड़ी देर में वहां विवाद होने लगा। 

लगा जैसे घराती-बराती आपस में भिड़ जाएंगे। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने भी दुल्हन को समझाने की कोशिश की लेकिन वह टस से मस नहीं हुई । अंतत: बारात को वापस लौटना पड़ा। जिस बंसरी गांव के दूल्हे से शादी करने से दुल्हन ने इंकार किया है वो गांव कभी चंबल मे आंतक का पर्याय रहा जगजीवन परिहार गैंग के सदस्यो का प्रमुख केंद्र रहा है। ठाकुर बाहुल्य इस गांव मे डाकुओ की खासी आवाजाही बनी रही है इसी कारण से स्थानीय लोग अपने परिवार के बेटे बेटियो की शादी करने मे कठिनाई पाते है। यह कोई पहला मौका नही है कि जब चंबल मे इस तरह से कोई शादी इस तरह से टली हो इससे पहले भी कई शादियॉ टली है। चंबल के गांव वाले अपने परिवार के बेटे बेटियो की शादी के लिए गांव के बजाय शहरी इलाके का सहारा लेते है।