दुनिया में कई तरह की ऐसी परंपराएं हैं जिनके बारे में जानकर दिल दहल जाता है। कहीं पर विधवा महीलों की उंगलियां काट दी जाती है तो कहीं प्राइवेट पार्ट को सिल दिया जाता है। इस तरह से एक देश ऐसा भी हैं जहां दुनिया के सबसे समझदार जानवरों में गिने जानी वाली मछली डॉल्फिन को मारने की परंपरा है। वह देश है डेनमार्क।

डेनमार्क के स्वामित्व वाले फरो आइलैंड पर 1400 से ज्यादा डॉल्फिन का कत्लेआम मचा दिया है। इस घटना के बाद दुनिया भर में इस घटना का विरोध शुरू हो गया है। समुद्र के किनारे मरीं पड़ीं इन सैकड़ों डॉल्फिन और समुद्र का पानी खून से लाल वीडियो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है।
जानकारी के लिए बता दें कि डॉल्फिन का शिकार इस द्वीप पर आयोजित होने वाले ‘ग्रिंड’ नामक एक पारंपरिक हंटिंग इवेंट के दौरान किया गया। इस इवेंट में तकरीबन 1428 डॉल्फिन को मारा गय। एनिमल वेलफेयर ग्रुप शी शेफर्ड ने डॉल्फिन के शिकार की तस्वीरें शेयर की थी। उन्होंने लिखा कि शिकारियों ने पहले डॉल्फिन को चाकू और दूसरे नुकीले हथियार गोद कर उन्हें मार डाला, जिससे  डॉल्फिन से इतना खून निकला कि समुंद्र का किनारा पूरा लाल हो गया।
ग्रिंड समारोह
ग्रिंड परंपरागत समारोह है. इसे सैकड़ों साल पहले शुरू किया गया था। यह इवेंट कानूनी रूप से मान्य है। इसमें शिकार किया जाता है। शिकार हर साल गर्मियों में आयोजित होता है। समुद्र में पाए जाने वाले जलजीव का शिकार किया जाता है। शिकार की हत्या के बाद उसके मांस को ये शिकारी खाते हैं।