दुनिया में कई तरह धर्म हैं। हर देश में अलग अलग जगहों पर अलग अलग और बहुत ही रोचक धर्म है। यहीं है जो दुनिया में लोगों के बीच विभिन्ना को पैदा करता है। इंसान की पहचान उसका धर्म माना जाता है। धर्म कई तरह के और विचित्र प्रकार के हैं कई बहुत ही हैरान कर देने वाले तो कई दिल छुने वाले। इन धर्मों में कई तरह की परंपराओं और रिवाजों को निभाया जाता है।

धर्म और परंपराओं के नाम पर दुनिया में हजारों साल से विचित्र परंपराओं का पालन किया जा रहा है। इनमें से कुछ रिवाजें हैं जो दिल दहला देती हैं। जैसे कि-

फुकेत वेजिटेरियन फेस्टिवल 
वेजिटेरियन फेस्टिवल के नाम पर यहां हिंसक पंरपराएं देखने को मिलती हैं। जब ये फेस्टिवल आता  है तो इसके 9 दिन पहले लोग मांस खाना बंद कर देते हैं। लेकिन इस फेस्टिवल में जो होता है वो बहुत ही खतरनाक होता है। इस त्यौहार में लोग नुकीले चाकू या तलवार से अपने गाल और होठों को चीरते हैं। उनका मानना है कि ईश्वहर ऐसे रक्षा करते हैं।

उंगली का काटना
इंडोनेशिया की दानी जनजाति में प्रचलित यह प्रथा बहुत ही दर्दनाक और खतरनाक है। इस जनजाति में एक पंरपरा के मुतबिक जब परिवार के किसी सदस्य की मौत हो जाती है तो महिलाओं को अपनी अंगुली का थोड़ा सा हिस्सा काटना पड़ता है। जानकारी के लिए बता दें कि पिछले कुछ साल से यह प्रथा यहां प्रतिबंधित कर दी गई है।

गाय का खून पीना
वैसे तो गाय भारत देश में एक मां का दर्जा दिया गया हैं। यहां इसको पूजा जाता हैं लेकिन दक्षिणी केन्याे उत्तरी तंजानिया में मसाकी नामक जंगली जनजाति के लोग शुभ अवसरों पर गाय का खून पीते हैं। लेकिन इन जनजाति की खास बात हैं कि ये गाय के खून के लिए उसके मारते नहीं हैं बल्कि पहले ये लोग गाय को एक तीर से घायल कर फिर चूसकर उसका खून पीते हैं।

मरने के बाद लाश के टुकड़े
तिब्बत में एक रिवाज के नाम पर खौफनाक काम किया जाता हैं। जिसमें किसी इंसान की मौत हो जाने के बाद उसके शव को घसीटकर एक विशेष पर्वत पर ले आते हैं और उसको टुकड़ों में काटकर पंचतत्चव में विलीन कर देते हैं। जानकारी के लिए बता दें कि बौद्ध धर्म का पालन करने वाले लोगों का मानना है कि मृत्यु  के बाद व्याक्ति का शरीर किसी काम का नहीं रहता। इसलिए बेहतर है कि इसे जानवरों का भोजन बना दिया जाए।