ब्रिटेन (Britain) में रहने वाली एक नर्स को ऐसी बीमारी है जिसके बारे में जानकर हर कोई हैरान हो जाता है। इस महिला को हर चीज से एलर्जी (Allergy) है। यदि वो गर्म पानी से नहा लेती है, तो भी उसे कई तरह की परेशानियां हो जाती हैं। हाल ही में क्रिसमस सैंडविच (Christmas Sandwich) ने उसे मौत की दहलीज पर पहुंचा दिया था। सैंडविच खाने की वजह से ये महिला सांस नहीं ले पा रही थी। इसके बाद तत्काल एम्बुलेंस बुलाकर उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस महिला का कहना है कि पहले भी कई बार एलर्जिक रिएक्शन की वजह से उसकी जान जाते-जाते बची है।

ईस्ट ससेक्स निवासी 26 वर्षीय मिया लैंचबरी (Mia Lainchbury) की लाइफ सामान्य लोगों जैसी नहीं है। उन्हें बहुत सोच-समझकर खान-पीना पड़ता है। महज एक गलती से उनकी जान भी जा सकती है। उन्हें हर दूसरी चीज से एलर्जिक रिएक्शन हो जाता है। वैसे तो मिया को आमतौर पर फीडिंग ट्यूब से ही खाना दिया जाता है, लेकिन कुछ दिन पहले क्रिसमस सैंडविच देखकर उनसे रहा नहीं गया।

मिया अपने बॉयफ्रेंड के साथ कहीं जा रही थीं और रास्ते में उन्होंने सैंडविच खा लिया। इसके कुछ ही देर बाद उन्हें सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी। फिर एम्बुलेंस की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। मिया को बचपन से अस्थमा है, इसके अलावा भी वो कई तरह की बीमारियों से जूझ रही हैं। उनकी आंतों में भी परेशानी है (Collapsed Bowel), जिसकी वजह से उनकी आंत का एक हिस्सा Telescoping Action से संचालित होता है जो भोजन का वहां से गुजरना कठिन बना देता है। साथ ही उन्हें लगता है कि वो मास्ट सेल एक्टिवेशन सिंड्रोम से भी ग्रसित हैं।

मिया को लगता है कि उनकी बीमारी का इलाज सरकारी अस्पतालों में नहीं है। इसलिए वो प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज के लिए पैसा जुटा रही हैं। उन्होंने कहा, 'मैं अपने हाल से थक गई हूं। किसी भी पल मुझे कुछ भी हो सकता है। मैं खुद नहीं जानती कि कब मौत आ जाए'। मिया के मुताबिक, उन्होंने सितंबर में एंटीबायोटिक ली थी, जिसके बाद से वो एनाफिलेक्टिक शॉक (Anaphylactic Shock) से पीड़ित हो गई हैं। उन्हें खुद नहीं पता होता कि कौनसी चीज उनकी बॉडी में कैसा रियेक्ट करेगी। उन्हें लगभग हर चीज़ से एलर्जी हो गई है।

नर्स मिया का कहना है कि वो मोमबत्ती तक नहीं जला सकतीं, क्योंकि उससे भी उन्हें एलर्जी है। इसके अलावा, वॉशिंग पाउडर और गर्म पानी का इस्तेमाल भी उनकी जान ले सकता है। कई बार उन्हें CPR देना पड़ा है। मिया के पैरेंट्स भी चाहते हैं कि वो जल्दी से अच्छी हो जाएं. हालांकि, प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज काफी महंगा है, इसलिए मिया लोगों की मदद से पैसा जुटा रही हैं।