चंदौली. हत्या के आरोप में डेढ़ साल से भी ज्यादा समय से सजा काट रहे हाथी को जंजीरों से मुक्ति मिल गई है।  सोमवार की शाम मिट्ठू हाथी को दुधवा नेशनल पार्क भेजा गया।  मथुरा से आए एक्सपर्ट डॉक्टर स्वास्थ्य परीक्षण के बाद मिट्ठू हाथी को हाइड्रोलिक एलिफेंट केप्ट वैन से दुधवा नैशनल पार्क ले गए। इस वैन में हाथी को चढ़ाने के लिए महावतों को 3 घंटे का वक्त लगा। 

डिस्ट्रिक फॉरेस्ट ऑफिसर दिनेश सिंह ने बताया कि दुधवा नैशनल पार्क भेजे जाने के दौरान एलिफेंट केप्ट वैन में मिट्ठू हाथी के भोजन के लिए भी विशेष प्रबंध किया गया था।  इस दौरान इसके लिए चरी, केला के अलावा खीरे और पानी की व्यवस्था की गई थी। लगभग 10 घण्टे का सफर तय कर मिट्ठू अब दुधवा नेशनल पार्क पहुंच गया है। 

दुधवा नैशनल पार्क में मिट्ठू हाथी की विशेष निगरानी की जाएगी।  माहौल के मुताबिक उसके स्वभाव को बदलने के लिए पहले उसे 10 एकड़ के जंगल मे अलग रखा गया।  बाद में उसके स्वास्थ्य और स्वभाव के बदलने के बाद उसे जंगलों में हाथी के साथ छोड़ा जाएगा। 

चंदौली कोर्ट ने मिट्ठू हाथी को पिछले साल ही दुधवा नेशनल पार्क भेजने का फैसला सुनाया था।  कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन की वजह से उसे जंजीरों से मुक्ति नहीं मिल सकी।  कोरोना को दूसरी लहर का कहर जैसे ही कम हुआ तो दुधवा नेशनल पार्क से आई टीम हाथी को साथ ले गई। 

चंदौली जिले के बबुरी में अक्टूबर 2019 में मिट्ठू हाथी ने रमाशंकर नाम के एक शख्स को पटक दिया था।  इसके बाद उसकी मौत हो गई।  मौत के बाद रामशंकर के परिजन ने हाथी और उसके महावत पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया, जिसके बाद से महावत को जेल और हाथी को रामनगर स्थित वन्य जीव के कार्यालय में जंजीरों में बांध के रखा गया।