धरती पर एक समय सीमा के बाद एक तबाही आती है। इस बार भी कोरोना वायरस ने धरती पर दस्तक दी है। जिसने इंसानों का जीना दुश्वार कर दिया है। लाखों लोग इसके कारण मारे जा चुके हैं। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण लोगों को क्वारंटीन किया गया है। ताकी और लोगों को बचाया जा सकें। ये एक छुत की बिमारी है। जो छुने से हो जाती है।


लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि क्वारंटीन का इतिहास बहुत ही पुराना है। संक्रामक बीमारियों को रोकने और लोगों को बचाने के लिए 700 साल पहले भी रोगियों को स्वस्थ लोगों से दूर रखा गया था। जिसे क्वारंटीन कहा गया था। खास बात बता दें कि 'क्वारंटीन' शब्द का इतिहास है कि क्वारंटीन शब्द इटैलियन भाषा के 'क्वारंतीनो' से निकला है। जिसका मतलब होता है चालीस दिन की अवधि में अकेले रखना।


जानकारी दे दें कि 14वीं शताब्दी में प्लेग जैसी खतरनाक बीमारी फैली थी। जिसके कारण से वेनिस जैसे तटीय शहरों को बचाने के लिए संक्रमित बंदरगाहों से शहर में पहुंचने से पहले प्रत्येक जहाज को  40 दिन तक पानी ही रखा जाता था। इसका मतलब यह है कि 40 दिन तक जहाज को एक ही जगह पानी में रुकना होता था। इसे ही धीरे-धीरे क्वारंटीन कहा जाने लगा।