2020 दुनिया के लिए वाकई बहुत ही बुरा है। इसमें की तरह के प्रकोप इंसानों को झेलने पड़ रहे हैं। ऐसा लग रहा है कलयुग अपनी चरम सीमा पर हो जैसे। हाल ही की बात करें तो कोरोना से सारी दुनिया त्रस्त है। चीन के वुहान से शुरू हुए इस वायरस ने आज दुनिया में 2 लाख से भी ज्यादा लोगों को मौत के घाट उतार दिया है। इतना सब कुछ होने के बाद भी वायरस का अभी तक कोई इलाज नहीं मिला है।


जिस तरह से दुनिया अभी कोरोना कोहराम मचा रखा है बता दें कि इतिहास गवाह  दुनिया को तबाह करने के लिए कई तरह की महामारियों ने दस्तक दी है और महमारियां ही नहीं कई तरह के प्रलय भी दुनिया को तबाह करने में अपना सहयोग दे चुके हैँ और हो सकता है आगे भी ऐसा हो। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कई तरह के वायरस्स ने इंसानों पर हमला बोला है लेकिन इंसान कैसे तैसे कर उसे मात दे ही देता है।


इसी तरह से आज से 102 साल पहले स्पेनिश फ्लू ने भी दुनिया में तबाही मचाई थी। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लागाना ये बहुत पहले की नीति है बिमारियों से बचने की। बता दें कि 102 साल पहले स्पेनिश फ्लू कोरोना की तरह ही था। इसमें भी लोगों को मुंह पर मास्क लगाना जरुरी हो गया था। इस वायरस से करीब 10 करोड़ लोगों की मौत हो गई थी।

इस समय भी जल्द फ्लू की कोई दवा या इंजेक्शन नहीं बनाया गया था। लेकिन समय के साथ जैसे-जैसे गर्मी बढ़ी, ये वायरस अपने आप खत्म हो गया। और लोगों को इस खतरनाक वायरस से मुक्ती मिली। कहा जाता है कि स्पेनिश फ्लू से 500 मिलियन लोग संक्रमित हुए थे। अभी इस वक्त कोरोना वायरस से 38 लाख से अधिक लोगों को संक्रमित है और ये आंकड़ा तेजी से बढ़ता ही जा रहा है।