दोस्तों का जीवन में बहुत महत्वपूर्ण स्थान होता है। एक व्यक्ति वास्तव में आपका सच्चा मित्र होता है जब वे आपके बुरे समय में आपके लिए उतने ही होते हैं जितने आपके अच्छे समय में होते हैं। किसी भी परिस्थिति में हमारा साथ देने के लिए दोस्त साथ खड़ा होता है। एक महिला ने अपने पिता के सबसे अच्छे दोस्त के बारे में लिंक्डइन पर पोस्ट शेयर करके बताई। उसने बताया कि पिता के दोस्त ने नौकरी आवेदन लिखने में कैसे मदद की। दोस्ती के इस सच्चे रूप के बारे में एक लिंक्डइन पोस्ट वायरल हो रहा है। एयर इंडिया की कमर्शियल लीड रवीना मोरे ने एक दोस्ती के बारे में एक पोस्ट साझा की जो वास्तव में समय की कसौटी पर खरी उतरी। पोस्ट इस बारे में थी कि कैसे उनके पिता के सबसे अच्छे दोस्त ने उन्हें 80 के दशक में नौकरी दिलाने में मदद की।

ये भी पढ़ेंः खुशखबरीः असम सरकार ने चाय बागान श्रमिकों के दैनिक वेतन में की इतने रुपए की बढ़ोत्तरी

अगले हफ्ते अपने पिता के रिटायरमेंट से पहले रवीना ने उस दोस्त की याद दिलाई जो अभी भी उसके पिता का सबसे करीबी विश्वासपात्र है। पोस्ट को 1985 की हैंड-रिटेन नौकरी के आवेदन के साथ साझा किया गया है। इसमें लिखा था, 'जब मेरे पिताजी ने 80 के दशक में स्नातक किया था, तब कैंपस प्लेसमेंट इतना आम नहीं था। वह अपने जीवन में पहली बार नौकरियों के लिए आवेदन कर रहे थे। रेज्यूमे ड्राफ्ट करने और नौकरी के लिए आवेदन लिखने के लिए परेशान थे। हालांकि, उनके सबसे अच्छे दोस्त, प्रकाश चाचा की अंग्रेजी भाषा और लिखावट शानदार थी। प्रकाश चाचा, पिताजी के रक्षक थे, नौकरी के 10 आवेदन लिखने से लेकर मेरे पिताजी को जॉब के लिए तैयार करने और इंटरव्यू में बोलने तक उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी।'

रवीना से बताया, 'मेरे पिताजी गलतियां करते रहे, जैसे एक कंपनी के लिए दूसरी कंपनी को आवेदन भेजना! लेकिन जैसा कि दोस्त हमेशा करते हैं, प्रकाश अंकल ने लगातार साथ दिया और मेरे पिता को कोशिश करते रहने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।' भले ही उसके पिता गलत कंपनी में आवेदन भेजने जैसी गलतियां करते रहे, लेकिन प्रकाश चाचा ने नौकरी दिलाने में हमेशा मदद की।

फिर रवीना ने हैंड-रिटेन नौकरी के आवेदन के बारे में बात की। उन्होंने कहा, 'यह उन आवेदनों में से एक है जो उन्होंने 1985 में मेरे पिताजी के लिए लिखे थे। जबकि हैंड-रिटेन आवेदन अतीत की बात है। मैं हर व्यक्ति को एक सुझाव देना चाहूंगी कि जो दोस्तों को करियर ब्रेक दिलाने में मदद करने के लिए समय निकालते हैं- जैसे रिज्यूमे की समीक्षा करके, दोस्तों को रेफर करके, कंपनी/उद्योग के बारे में जानकारी साझा करके, और सबसे महत्वपूर्ण बात कठिन समय के दौरान वहां रहकर; वो हमेशा साथ रहते हैं।

ये भी पढ़ेंः असम में चल रहा हिन्दू संगठन का प्रशिक्षण शिविर, छोटे हथियारों से लड़ना सीखा रहा

यह नौकरी का आवेदन थर्मेक्स को लिखा गया था। रवीना के पिता ने 'ट्रेनी इंजीनियर- मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्शन' की भूमिका के लिए आवेदन किया था। लिखावट वास्तव में सुंदर थी और पोस्ट पर टिप्पणी करने वाले कई लोग इस पर सहमत हुए। रवीना के इस पोस्ट को 27 हजार से ज्यादा लोगों ने पंसद किया और इनमें से ज्यादातर लोग इमोशनल हो गए।