इन दिनों पूरे देश में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। ऐसे में कई असंबंधित तस्वीरें व वीडियो असम के डिटेंशन सेंटर का बता फैलायी जा रहा है। ऐसा ही एक वीडियो फेसबुक पर 26 दिसम्बर 2019 को शेयर किया गया है।


पोस्ट के विवरण में लिखा है कि, 'असम में डिटेंशन सेंटर के हालात पाकिस्तानी बंगलादेशियो को बिना कागज़ात के नागरिकता दो और देश के लोगो के साथ ऐसा सुलूक ये देशभक्त पार्टी के काम ये है विकास। इस पोस्ट में यह दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो असम के डिटेंशन सेंटर में भारतीयों के साथ हो रहा है अत्याचार का है। 


इस वीडियो का स्क्रीनशॉट लेकर जब गूगल रिवर्स इमेज सर्च पर किया गया तो यह वीडियो 14 जनवरी 2019 को एक अंग्रेजी वेबसाइट पर मिला। इस ख़बर के अनुसार यह वीडियो श्रीलंका के अंगुनाकोलापलेस जेल का है।


यह वीडियो 22 नवम्बर 2014 का है और इस वीडियो के वाइरल होने पर श्रीलंका के जेल सुधार और न्याय मंत्रालय ने अंगुनाकोलापलेस जेल की जांच पड़ताल के लिये 3 सदस्यों की एक टीम भी गठित की थी। जेल के अंदर कैदियों के साथ होने वाले इस अत्याचार पर कार्यवाही की गयी और जेल कमिश्नर जनरल निशान धनसिंघे को हमले पर एक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश भी दिया गया था। पूरी ख़बर पढने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।