खुद तंगी आैर गरीबी से जुझ रहा है आैर बड़ी मुश्किल से मेहनत मजदूरी करके अपना व परिवार का पेट पाल रहे एक शख्स ने एेसा कारनामा किया है कि हजारों लोगों की जान बच गर्इ। इस शख्स ने बहुतों को अनाथ होने से तो कर्इयों की गोद उजड़ने से बचाया है। लोगों की नजरों में असली हीरों बन गया है त्रिपुरा के डंचारा गांव का रहने वाला स्वपन देबबर्मा। दरअसल, पेशे से मजदूर स्वप्न देबकर्मा अपनी बिटिया के साथ काम पर निकला तो उसने रास्ते में देखा कि भूस्खलन से रेलवे का ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया है।

इस हालत में वहां से कोई भी ट्रेन गुजरती तो बड़ा हादसा हो सकता था। ऐसे में उसने अपनी जान-माल की परवाह किए बिना यात्रियों की जान बचाई। स्वपन ने अपने इस कारनामें से भारतीय  क्रिकेटर वीरेन्द्र सहबाग का भी दिल जीत लिया है। सहवाग ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट कर स्वपन के बहादुरी की सराहना की है आैर उन्हें रियल नेशनल हीरो बताया है।


मिली जानकारी के मुताबिक 15 जून शुक्रवार अंबासा से अगरतला रेलवे ट्रैक भूस्खलन के कारण टूट गया था। यात्री और ड्राइवर इससे बेखबर आराम से ट्रेन में चले जा रहे थे। इसी बीच स्वपन अपनी बेटी के साथ मजदूरी करने के लिए निकला था तभी उसकी नजर भूस्खलन के कारण टूट चुके रेलवे ट्रैक पर पड़ी। उसने तुरंत खतरे को भांपते हुए पटरी पर दौड़ लगानी शुरू कर दी।

संयोग यह था कि उस दिन ट्रेन तीन घंटे लेट चल रही थी, लेकिन देरी को कवर करने के लिए ट्रेन ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि उसे रोकना लगभग असंभव था। फिर भी स्वपन ने अपना पूरा प्रयास किया आैर अपनी बेटी को छोड़कर पटरी पर दौड़ने लगा। उसके पास एक टाॅवल थी जो उसने ट्रेन का रोकने लिए हिलाने लगा। पटरी पर स्वपन को बेताहाशा दौड़ते हुए जब ट्रेन के ड्राइवर ने देखा तो उसने इमरजेंसी ब्रेक का प्रयोग किया। घटना अंबासा से अगरतला रेलवे ट्रैक की है।



ट्रेन के रुकते ही ड्राइवर उतरा और स्वपन ने उन्हें सारी बात बताई, लेकिन ड्राइवर को इसकी भाषा नहीं आती थी, तो उसने इशारों से पूरी बात समझाई और इस तरह संदेश रेलवे के अधिकारियों तक पहुंचाई गई, ताकि इस रुट की दूसरी गाड़ियों को भी रवाना होने से रोका जा सके। जब ड्राइवर को पूरा मामला समझ आया तो उसने आभार व्यक्त किया।


यात्रियों को जब यह बात पता चली तो वे भी स्वप्न देबबर्मा की बहादुरी और सूझबूझ के कायल हो गए और सभी ने दिल से उसे धन्यवाद दिया। उन सभी यात्रियों के लिए वो भगवान से कम नहीं था, क्योंकि उसके कारण ही हजारों लोग सही सलामत अपनी यात्रा पूरी कर पाए। यह अलग बात है कि उनका हीरो वापस मेहनत मजदूरी में खोकर अपनी रोजी रोटी में जुट गया है।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने भी इसे ट्विटर पर शेयर कर एेसे हीरोज़ को अवार्ड दिए जाने की वकालत की है। इसके अलावा इन दिनों इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। क्रिकेटर सहवाग के  ट्वीट करने के बाद लोगों ने भी केंद्र सरकार से इस शख्स को अवार्ड देने की बात कह रहे है।