राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजप्रताप यादव ने अपने पिता की रिहाई के लिए राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखी है। अपने पिता के स्‍वास्‍थ्‍य का हवाला देते हुए उन्होंने कहा है कि उन्‍हें जल्‍द रिहा किया जाए। तेज प्रताप यादव ने सजा माफी के लिए सरकार से गुहार लगाई है।

हालांकि तेज प्रताप यादव ने राष्‍ट्रपति के नाम जो पत्र लिखा है वो किसी और वजह से भी सुर्खियों में है। दरअसल, चार लाइनों की इस चिट्ठी में ढेरों गलतियां हैं। यहां तक कि तेज प्रताप यादव अपने पिता का नाम भी ठीक से नहीं लिख पाए हैं।

इससे पहले जब राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद बिहार के राज्‍यपाल थे तब शपथ ग्रहण के दौरान उन्‍होंने तेज प्रताप यादव को गलत उच्‍चारण के लिए टोक दिया था और अब तेज प्रताप यादव ने उन्‍हें ही ये अशुद्धियों वाली चिट्ठी लिखी है।

तेज प्रताप यादव ने राष्‍ट्रपति को ये पोस्‍टकार्ड आजादी पत्र के नाम से भेजा है। तेज प्रताप ने अपने पत्र में आदरणीय श्री लालू प्रसाद जी की जगह आपरणीय श्री लालु प्रसाद जी लिख दिया है। इसके बाद उन्‍होंने मसीहा को मसिहा, मूल्य को मुल्य, गरीबों को गरीवों और वंचित को बंचित लिखा है।

खबर है कि तेज प्रताप यादव की बहन और लालू यादव की बेटी  रोहिणी आचार्य ने भी राष्‍ट्रपति को पत्र लिखा है और अपने पिता की रिहाई की मांग की है। इसके साथ उनके समर्थकों से भी अपील की गई है, वह राष्‍ट्रपति को चिट्ठी लिखें।

गौरतलब है कि लालू प्रसाद यादव का दिल्‍ली के एम्‍स में इलाज चल रहा है। उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है, जिसके बाद लालू यादव की रिहाई की मांग उठ रही है। तेज प्रताप यादव की इस चिट्ठी के सामने आने के बाद उनका काफी मजाक बन रहा है। तेज प्रताप यादव ग्यारहवीं तक पढ़े हैं और 12वीं में फेल होने के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी थी।