इन दिनों असम भाजपा के आर्इटी आैर एसएम विभाग के सह संयोजक को सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है। दरअसल, अभी हाल ही में देश के प्रतिष्ठित संस्थान जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय के छात्रसंघ में चुनाव  के नतीजे आए। जिसमें इंटरनेशनल स्कूल के काउंसलर पद पर श्रीजानी बास्वा महंत ने जीत दर्ज की है। श्रीजानी के जीतने के बाद असम भाजपा आर्इटी आैर एसएम विभाग के सह संयोजक सुरंजन जी दत्ता ने उन्हें सोशल मीडिया पर बधार्इ दे दी। जो एबीवीपी को रास नहीं आई आैर उन्होंने दत्ता को जमकर ट्रोल किया।


बता दें कि श्रीजानी एक वामपंथी समर्थक हैं आैर वह असम के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (फायर आैर एमर्जेंसी सर्विस) भास्कर ज्योति महंत की बेटी हैं। श्रीजानी के अलावा असम की कार्बी काकटी ने भी जेएनयू छात्र संघ चुनाव में जीत दर्ज की है। श्रीजानी स्नातक प्रथम वर्ष की छात्रा हैं जबकि कार्बी जेएनयू से पीएचडी कर रही हैं।





सुरंजन दत्ता ने सोमवार को फेसबुक पर श्रीजानी को बधार्इ दी अौर लिखा कि उनके दादा जी, पिता आैर चाचा असम के प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं। साथ ही उन्होंने लिखा है कि मुझे याद है कि राज्य के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल को जेएनयू की यात्रा के दौरान एबीवीपी की गतिविधियों से किस तरह से अपमानित किया गया था। हम सभी को एक  स्वस्थ्य राजनीतिक महौल बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।



दत्ता की इस पोस्ट के बाद एबीवीपी कार्यकर्ता प्रणव ज्योति भुयान ने लिखा कि आर्इटी आैर एसएम विभाग के सह संयोजक सुरंजन दत्ता आैर असम भाजपा वामपंथी स्टूडेंट यूनियन का समर्थन कर रही है। क्या यह संघ परिवार में एक प्रकार की विचारधारा पर संकट है?




बता दें कि वामपंथी छात्र संगठनों- आइसा, एसएफआई, एआईएसएफ और डीएसएफ के संयुक्त मोर्चा ने जेएनयू छात्र संघ चुनावों में केंद्रीय पैनल के सभी चार पदों पर जीत दर्ज की। जबकि ABVP सभी चार सीटों पर दूसरे स्थान पर रही है। गौरतलब है कि वाम सर्मिथत आॅल इंडिया स्टूडेंट्स असोसिएशन (आइसा), स्टूडेंट्स फेडरेशन आॅफ इंडिया (एसएफआई), डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (डीएसएफ) और आॅल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) ने वाम एकता (लेफ्ट यूनिटी) नाम का गठबंधन बनाकर जेएनयूएसयू चुनाव लड़ा था।