मेघालय के वरिष्ठ नौकरशाह एचएम शांगप्लियांग का एक वीडियो वायरल हो गया है। शांगप्लियांग ने 8 जुलाई को मॉसिनराम के लॉबाह में कांग्रेस की बैठक को संबोधित किया था। इसी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। मेघालय के सामाजिक संगठनों ने शांगप्लियांग को तुरंत निलंबित करने की मांग की है।

सामाजिक संगठनों का कहना है कि शांगप्लियांग का राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होना सर्विस रूल्स का उल्लंघन है। सामाजि संगठनों ने राज्य के पर्सनल एवं ए.आर.डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी को पत्र लिखा है। पत्र लिखने वाले सामाजिक संगठनों में सीएसडब्ल्यूओ और टी.यू.रंगली (टीयूआर) भी शामिल है। सामाजिक संगठनों ने शांगप्लियांग की कथित राजनीतिक गतिविधियों में संलिप्तता पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि राजनीतिक मकसद के लिए सरकारी अधिकारी करियर ब्यूरोक्रेट के रूप में अपनी ऑफिशियल पॉजिशन का बेजा इस्तेमाल कर रहे हैं।

उन्होंने इसे ऑल इंडिया सर्विस(कंडक्ट)रूल्स 1986 के सर्विल रूल्स 3(ए),3(2ए) और 5 का स्पष्ट उल्लंघन करार दिया है। सर्विसिंग एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज ऑफिसर्स के लिए संशोधन कर ऑल इंडिया सर्विस (कंडक्ट) रूल्स 1986 बनाया गया था। कहा जा रहा है कि शांगप्लियांग कांग्रेस पार्टी से चुनाव लडऩे की तैयारी में है। वे सचिव, जीएडी, निदेशक, सोशल वेलफेयर,सरकार के मुख्य सलाहकार के सचिव, मिशन डायरेक्टर नेशनल हेल्थ मिशन व मेघालय हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम के पदों पर हैं। अभी तक उन्होंने इन पदों से इस्तीफा नहीं दिया है।

सामाजिक संगठनों ने शांगप्लियांग की राजनीतिक गतिविधियों की निष्पक्ष व स्वतंत्र जांच की मांग की है। सामाजिक संगठनों का आरोप है कि शांगप्लियांग राजनीतिक दलों की बैठकें बुलाते हैं और उनमें शामिल हैं।
शांगप्लियांग अपने राजनीतिक समर्थन को सुरक्षित रखने के लिए सरकारी स्कीमों और लोगों के लिए जारी फंडिंग में राजनीतिक भेदभाव करते हैं। अगर शांगप्लियांग दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें तुरंत सेवा से डिसमिस
कर देना चाहिए। साथ ही उन्हें पेंशन सहित सभी लाभों से वंचित करना चाहिए।