जाको राखे साइयां, मार सके ना कोय. यह कहावत सोमवार को एक बार फिर सच साबित हुई और एक शख्स की जान बच गई. यूं कहें कि एक सेकेंड से भी कम अगर देर होती तो मौत तय थी. दरअसल, पूर्व मध्य रेलवे के हावड़ा-धनबाद-नई दिल्ली रेलखंड पर निजी कंपनी ने जमीन मापी का काम सोमवार से शुरू किया गया है. इसके तहत बरमसिया-विनोद नगर-प्रधानखानता के समीप मापी की जा रही थी. इस दौरान एक प्राइवेट कंपनी का कर्मचारी रेलवे ट्रैक पर फीता लेकर खड़ा था और दूसरा कर्मचारी ट्रैक से सड़क की दूरी माप रहा था. अचानक उसी ट्रैक पर तेज रफ्तार से पैसेंजर ट्रेन आ गई. ट्रेन के चालक ने फौरन सायरन बजाया जिसके बाद ट्रैक पर खड़े कर्मचारी ने छलांग लगा दी जिससे उसकी जान बची.

जानकारी के अनुसार, बीएमसीसी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्राइवेट लिमिटेड नामक निजी कंपनी के कर्मी रेल ट्रैक के समीप खाली भूखंडों का सर्वे कर रहे हैं. अभी यह काम बरमसिया-विनोद नगर-प्रधानखानता के समीप चल रहा है. घटना सोमवार दोपहर 12 बजे के आसपास की बताई जा रही है.

इस मामले में लापरवाही की भी बात कही जा रही है. क्योंकि जिस ट्रैक और इलाके में काम होता है, उसके सभी संबंधित रेलवे के अधिकारी और कर्मचारियों को इसकी पूर्व जानकारी दी जाती है. उस रूट पर ट्रेनों के आवागमन के दौरान भी इसका ध्यान रखा जाता है. ट्रैक का एरिया था तो साइन बोर्ड ट्रैक पर क्यों नहीं लगाया गया? बताया जाता है कि धनबाद होकर गुजरने वाले फ्रेट कॉरिडोर को लेकर विनोद नगर और आसपास कई बदलाव होंगे. हीरापुर से बरमसिया पुल की ओर जानेवाली सड़क का एलाइंमेंट बदला जाएगा. इस सड़क का एक हिस्सा फ्रेट कॉरिडोर की जद में आ रहा है. इसके लिए वैकल्पिक सड़क की संभावना तलाशी जा रही है.