एक स्टूडेंट के हाथ पांव नहीं फिर भी 12वीं कक्षा में 92% नंबर लाकर कमाल कर दिखाया। इस स्टूडेंट का नाम शिवम है जो हर किसी के लिए एक मिसाल हैं। शिवम के हाइटेंशन लाइन से हुए एक हादसे के बाद उनके दोनों हाथ काट और एक पैर भी काट दिया गया था। लेकिन शिवम ने कभी हिम्मत नहीं हारी और आज उनकी हर कोई तारीफ कर रहा है।
शिवम का कहना है कि मैं सबसे यही कहना चाहूंगा कि अपनी अक्षमताओं को लेकर कभी भी नकारात्मक ख्याल मन में नहीं लाने चाहिए। इस उपलब्धि पर उसके पैरंट्स भी बहुत खुश हैं। शिवम के पापा का कहना है कि मैं चाहता हूं उसके सारे सपने पूरे हों। मैं राज्य सरकार और मुख्यमंत्री से भी अपील करना चाहता हूं कि मेरे बेटे की पढ़ाई पूरी कर सकने के लिए कुछ सहयोग करें।
शिवम ने कोहनी से लिखकर 12 वीं बोर्ड की परीक्षा दी है। वह दिनभर पढ़ाई करते हैं। उनके घर की आर्थिक परिस्थितियां भी ठीक नहीं हैं लेकिन उनकी पढ़ाई के आड़े कभी भी कोई परिस्थितियां नहीं आईं।
शिवम ने बताया कि अपनी इस शारीरिक स्थिति के साथ लिखने के लिए उन्होंने खास तैयारी की और रोज 5-6 घंटे अतिरिक्त मेहनत कर लिखना सीखा। इससे पहले शिवम ने 10वीं की परीक्षा में 89 फीसदी अंक और 98.53 पर्सेंटाइल हासिल किए थे और अपने हौसले की मिसाल पेश की थी।
शिवम ने कहा कि वह डॉक्टर बनना चाहते हैं। अगर वह किन्हीं कारणों से डॉक्टर नहीं बन पाए तो भी अपना हौसला नहीं छोड़ेंगे। वह पब्लिक की सेवा करना चाहते हैं इसलिए किसी अन्य सेवा को चुनेंगे। 12 साल की उम्र में एक दुर्घटना में अपने हाथ और एक पैर खो चुके शिवम सोलंकी ने बारहवीं में साइंस साइड से 92 फीसदी अंक हासिल किए हैं।