पिछले माह नदीम खान नाम के एक फेसबुक यूजर ने 25 सेकंड का एक वीडियो पोस्ट किया था। खान ने दावा किया कि असम के करीमगंज में एक और मॉब लिंचिंग को अंजाम दिया गया और इसमें संघ के लोग शामिल थे। नदीम ने जो वीडियो पोस्ट किया उसमें एक शख्स जमीन पर पड़ा है और उसके सिर से खून बह रहा है।


कैप्शन में यह भी बताया गया कि इस शख्स का नाम अब्दुल मतीन है जिसे संघियों ने मॉब लिंच किया है। यह वीडियो फेसबुक के अलावा ट्वीटर पर भी खूब शेयर किया गया। यह वीडियो असम के करीमगंज का ही है लेकिन इसके साथ जो कहानी बताई जा रही है वह सच नहीं है। दरअसल वीडियो में दिख रहा घायल शख्स एक चोर था,जिसे चोरी करते हुए लोगों ने पकड़ा और मारना शुरू कर दिया। जान बचाने के लिए यह शख्स भागा और जमीन पर गिरने की वजह से उसके सिर में चोट आ गई।





18 जनवरी को यह वाकया हुआ और 19 जनवरी को इस शख्स ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने बताया कि शख्स की पहचान अब्दुल मतीन के रूप में हुई है जो छोटा मोटा चोर था। 18 जनवरी को वह एक स्कूल से ग्रिल चुराते वक्त स्थानीय लोगों द्वारा पकड़ा गया। लोगों ने उसे बुरी तरह पीटा। जब उसने भागने की कोशिश की तो वह नीचे गिर गया और उसे चोट आ गई। करीमगंज पुलिस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इस मामले को लेकर ट्वीट भी किया। ट्वीट के मुताबिक अब्दुल मतीन को पीटने वाले दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और उनके खिलाफ केस भी दर्ज कर लिया गया है।