इस कोरोना वायरस काल में भारत-चीन सीमा पर एलियंस द्वारा एयरपोर्ट बनारे की खबर काफी वायरल हो रही है। एलियंस होते भी हैं या नहीं इसको लेकर काफी र‍िसर्च की जा चुकी है। कुछ साल पहले तीन वैज्ञानिकों एनडर्स सैंडबर्ग, एरिक ड्रेक्‍सलर और टॉड ऑर्ड ने इसी व‍िषय पर एक शोध क‍िया था। इसमें सामने आया था कि ब्रह्मांड में मानव जाति की तरह कोई दूसरी बुद्धिमान सभ्‍यता नहीं है।

हालांकि वैश्‍व‍िक स्‍तर पर एलियंस को लेकर तमाम र‍िसर्च हुईं और कई न‍िष्‍कर्ष आए लेकिन इनपर बातचीत का स‍िलसिला कभी थमा नहीं। खासतौर पर भारत-चीन सीमा को तो एलियंस का एयरपोर्ट भी कहा जाता है।
ऐसे तो तो दुनियाभर में कई जगहों पर एलियंस और यूएफओ को देखने की बात कही जाती है। लेकिन भारत-चीन सीमा एलियंस का हॉट स्‍पॉट माना जाता है। इस जगह पर कई बार पहाड़ के ऊपर यूएफओ को उड़ते हुए देखे जाने का दावा क‍िया जाता है। कई बार कुछ तस्‍वीरें भी वायरल हुई हैं। हालांकि ये क‍ितना सच है अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
भारत-चीन सीमा पर स्थित कोंग्का ला दर्रा एक व‍िवादित जगह है। बता दें क‍ि चीन इसे हिमालय का अक्साई क्षेत्र मानकर इस पर अपना अध‍िकार बताता है। जबकि भारत का दावा है कि यह लद्दाख का हिस्सा है। हालांकि एक समझौते के तहत भारत और चीन दोनों ही देशों की सेना इस जगह पर पेट्रोलिंग नहीं करती। इसके साथ ही इस जगह पर आम लोगों के आने-जाने पर भी पूर्ण रूप से रोक लगायी गई है।
कोंग्‍का ला दर्रा को एलियंस का एयरपोर्ट माना जाता है। इसके आस-पास रहने वाले लोगों ने कई बार दावा क‍िया है कि उन्‍हें यहां अधिकतर यूएफओ द‍िखाई देती है। यही वजह है इस जगह को एलियंस का एयरपोर्ट कहा जाता है। बता दें क‍ि कुछ सालों पहले इस इलाके की एक तस्‍वीर भी वायरल हुई थी जिसमें यूएफओ को द‍िखाया गया था।
एलियंस और यूएफओ को लेकर कुछ साल पहले लद्दाख सेक्‍टर में धमचौक के निकट लागनखेल इलाका भी खूब चर्चा में था। इसके पीछे रीजन था क‍ि लागनखेल में आसमान में पीली रोशनी का दिखाई देना। इसे लेकर यह दावा भी किया गया था कि यह यूएफओ है। हालांकि बाद में यह बात सामने आई कि यह कोई यूएफओ नहीं बल्कि चीन की ओर से भारत की जासूसी करने के लिए भेजा गया एक यंत्र था जो कि आसमान में कुछ देर के लिए नजर आता है और कुछ देर में लुप्‍त हो जाता है।