बारिश होने के बाद 15 फीट लंबा कोबरा निकला जिसको देखकर हर कोई व्यक्ति हैरान रह गया। यह घटना मिलनाडु के कोयंबटूर जिले के थोंडामुतूर इलाके के नरसीपुरम की जहां यह भयावह नाग निकला। इस भयंसकर सांप गांव के पास की झाड़ियों में यह सांप पाया गया जहां मच गया। कोयंबटूर जिले के वन विभाग की टीम ने इस सांप को सुरक्षित पकड़ लिया और बाद में सिरुवानी जंगल में इसे छोड़ दिया गया।

आमतौर पर कोबरा सांप खुद किसी को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। हालांकि, बारिश के मौसम में सांपों के रिहायशी इलाकों में आने से किसी का पैर पड़ जाने या इंसानों के संपर्क में आने के चांस ज्यादा रहते हैं। यही कारण है कि बारिश के मौसम में सांप काटने के केस ज्यादा आते हैं। भारत में तो हर साल लगभग 50 से 60 हजार लोगों की मौत सांप के काटने से होती है। कुछ लोग जो बच भी जाते हैं, उनके भी कुछ अंगों में भिन्नता आ जाती है।
नरसीपुरम गांव के पास निकले इस 15 फीट लंबे सांप को वन विभाग की टीम ने पकड़ा। पकड़े जाने के दौरान सांप बार-बार गुस्से में फन फुलाकर फुफकार रहा था। दरअसल, ये सांप इंसानों से डरते हैं और छेड़छाड़ करने पर फन फुलाकर चेतावनी भी देते हैं। ये सामने और पीछे से तो पतले होते हैं लेकिन बीच में इनकी मोटाई ठीक-ठाक होती है। इसी वजह से इन्हें पकड़ना आसान नहीं होता है।
बारिश के मौसम में ज्यादातर सांपों के बिल में पानी भर जाता है। ऐसे में पानी के अंदर इनका जिंदा रह पाना मुश्किल होता है। बारिश के मौसम में ज्यादातर सांप झुरमुटों, पत्तियों या रिहायशी इलाकों में भी छिपने की कोशिश करते हैं। यही कारण है कि बारिश के मौसम में सांप के काटने के केस बढ़ जाते हैं और कई लोगों की जान भी चली जाती है।
भारत में सांपों की कम से कम 300 प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें से लगभग 15 ऐसे हैं, वे काफी जहरीले होते हैं। इन 15 में से कुछ ही सांप ऐसे हैं, जिनके काटने से मौत हो जाती है। इनमें कोबरा प्रमुख है। कोबरा का मुख्य आहार चूहा है और जहां चूहे होते हैं, वहां ये काफी संख्या में पाए जाते हैं। खेतों और जंगलों में भी कोबरा सांपों को ज्यादा संख्या में देखा जाता है।
कोबरा काफी खतरनाक और जहरीला सांप होता है। भारत में इनकी बहुतायत ही वजह से पहचानना बहुत आसान है। हालांकि, ये इंसानों से बहुत डरते हैं और जरा सी आहट पाकर खुद की जान बचाने के लिए भागने या छिपने की कोशिश करते हैं। खतरा महसूस होने पर कोबरा फन फुलाकर चेतावनी भी देता है। अकसर कोबरा पहली बार में डराने के लिए नकली हमला करता है। इसके बाद भी अगर उसे खतरा महसूस होता है तो वह काट लेता है।