त्रिपुरा के बागी भाजपा विधायक और राज्य के पूर्व मंत्री सुदीप रॉय बर्मन ने कहा है कि वह अपने अगले राजनीतिक कदम पर "समय सही होने पर" फैसला करेंगे। वह राज्य में आम लोगों से बातचीत करने के बाद ही अंतिम फैसला लेंगे।
यह पूछे जाने पर कि क्या 2023 में राज्य में विधानसभा चुनाव
(Assembly elections 2023) से पहले भाजपा छोड़ने और किसी अन्य पार्टी में शामिल होने की उनकी कोई योजना है, सुदीप रॉय बर्मन (Sudip Roy Barman) ने कहा “सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। बस रुको और देखो। ” त्रिपुरा के बागी भाजपा विधायक सुदीप बर्मन और आशीष साहा ने अगरतला में विधायक छात्रावास परिसर में अपने 'समर्थकों' से मुलाकात की।लोगों को लोकतांत्रिक व्यवस्था से वंचित किया जा रहा है। हम यहां लोगों की आवाज के रूप में हैं, ”।

सुदीप रॉय बर्मन (Sudip Roy Barman) ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि“त्रिपुरा में कोई लोकतंत्र नहीं बचा है। लोगों का दम घुट रहा है ”। इस बीच, विधायक आशीष साहा (MLA Ashish Saha) ने कहा कि त्रिपुरा के लोगों को सत्तारूढ़ भाजपा सरकार से कोई लाभ नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि“राज्य में सत्ता वामपंथियों से छीन लिए जाने के बाद, लोग सरकार से लाभ प्राप्त करने की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन कुछ नहीं हुआ, आम लोग गुस्से में हैं। और उनका गुस्सा हर गुजरते दिन के साथ बढ़ता ही जा रहा है। यह गुस्सा चुनाव में दिखेगा ”।
सुदीप रॉय बर्मन और आशीष साहा (MLA Ashish Saha) पिछले कुछ दिनों से राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर रहे हैं और उन लोगों से बातचीत कर रहे हैं जिन्होंने “2018 में वामपंथ को गद्दी से हटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी”।