केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) ने कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ हिंसा वामपंथी शासन की पहचान है। त्रिपुरा राज्य स्थापना दिवस (Tripura State Foundation Day) के अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से एक समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में 2018 में सत्ता में आई भाजपा सरकार ने शांति बहाल की है और सभी वर्गों के लिए सर्वांगीण विकास किया है।

उन्होंने (Amit Shah) कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ हिंसा कम्युनिस्टों की पहचान है। त्रिपुरा में कम्युनिस्ट शासन के दौरान कई भाजपा कार्यकर्ता मारे गए, कई घर तबाह हो गए और हमारे कई कार्यकर्ता सालों तक घर नहीं जा सके। गृह मंत्री ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के बलिदान और समर्पण के कारण ही त्रिपुरा में भाजपा वाम मोर्चा सरकार (left front government) को उखाड़ फेंकने के बाद सत्ता में आ सकी है। वाम मोर्चे ने 1978 से 1988 तक और फिर 1993 से 2018 तक त्रिपुरा पर शासन किया।

राज्य सरकार की प्रशंसा करते हुए शाह ने कहा कि त्रिपुरा में कानून व्यवस्था (law and order in Tripura) की स्थिति में काफी सुधार हुआ है, कनेक्टिविटी में जबरदस्त सुधार हुआ है, जबकि किसानों की आय दोगुनी हो गई है। उन्होंने नशीली दवाओं के व्यापार को खत्म करने के लिए देब सरकार द्वारा उठाए गए मजबूत कदमों की सराहना की। गृह मंत्री (Amit Shah) ने कहा कि त्रिपुरा के निवासियों की प्रति व्यक्ति आय केवल तीन वर्षों में 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा उठाए गए कई कदमों की बदौलत पिछले चार साल में 2,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 100 से अधिक कंपनियां त्रिपुरा आई हैं।

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने शुरू से ही पूर्वोत्तर और दिल्ली के बीच की दूरी को कम करने की कोशिश की है और यह सुनिश्चित किया है कि पिछले सात वर्षों में हर पखवाड़े कम से कम एक केंद्रीय मंत्री इस क्षेत्र का दौरा करें। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर को भ्रष्टाचार की मांद के रूप में जाना जाता था और पिछले कुछ वर्षों में बहुत कम विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि 2014 में जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है, पूर्वोत्तर को भेजे गए धन का उपयोग किया जा रहा है और इस क्षेत्र में हर जगह चहुंमुखी विकास देखा गया।