त्रिपुरा में मंगलवार को गैरकानूनी चरमपंथियों ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के दो जवानों की गोली मारकर हत्या कर दी और उनके अत्याधुनिक हथियार लूट लिए। अगरतला में एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि गश्त के दौरान, नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (एनएलएफटी) के संदिग्ध उग्रवादियों ने मानिकपुर आदिवासी गांव में बीएसएफ जवानों पर हमला किया, जिससे एक भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें दो अर्धसैन्य सुरक्षाकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई।

शहीद बीएसएफ जवानों में सब-इंस्पेक्टर भूरू सिंह और कांस्टेबल राज कुमार शामिल हैं। उत्तरी त्रिपुरा में धलाई जिले के अंतर्गत भारत-बांग्लादेश सीमा के पास के इलाके से भागने से पहले आदिवासी गुरिल्ला मारे गए बीएसएफ जवानों के दो अत्याधुनिक हथियार छीन चुके हैं। बीएसएफ के अधिकारी ने कहा कि घटनास्थल पर उपलब्ध खून के निशान के अनुसार, आतंकवादियों को कथित तौर पर कुछ चोटें आई हैं। बीएसएफ अधिकारी ने कहा, हमारे दोनों शहीदों ने शहीद होने से पहले बहादुरी से लड़ाई लड़ी है। आतंकवादियों को पकडऩे के लिए इलाके में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया है। अगरतला से 150 किलोमीटर उत्तर में बीएसएफ और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। घटनाओं के विस्तृत ब्यौरे की प्रतीक्षा है।