त्रिपुरा सरकार ने मनरेगा के तहत 332 करोड़ रुपये आमदनी क्षमता वाली नौकरियां सृजित करने का फैसला करने के साथ ही त्रिपुरा शहरी रोजगार कार्यक्रम के तहत शहरी गरीबों की सहायता के लिए 24 करोड़ रुपये भी मंजूर किये हैं। मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देव ने आज यहां यह जानकारी दी। 

त्रिपुरा सरकार ने कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न संकट से निपटने के लिए ये निर्णय लिये हैं।  देव ने वीडियो संदेश में दावा किया कि राज्य सरकार का कोरोना  कर्फ्यू लगाने का इरादा नहीं था लेकिन राज्य में पिछले तीन सप्ताहों के दौरान कोविड मामलों के अचानक बढऩे के बाद स्थिति को देखते हुये ऐसा करने के लिए मजबूर होना पड़ा। 

उन्होंने कहा, हमें कर्फ्यू के कारण आम लोगों को होने वाली असुविधाओं का अहसास है, लेकिन हमारे पास कोरोना का मुकाबला करने का कोई और विकल्प नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सात लाख जरूरतमंद परिवारों को एकमुश्त एक हजार रुपये और राशन सामग्री मुहैया कराई जाएगी तथा इस उद्देश्य के लिए लगभग 150 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कोविड महामारी में लोगों की सहायता के लिए वरिष्ठ नागरिकों और विधवाओं समेत चार लाख से अधिक लाभार्थियों को दो महीने की अग्रिम सामाजिक पेंशन प्रदान करने का निर्णय भी किया है।