तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Trinamool Congress national general secretary Abhishek Banerjee) 31 अक्तूबर को त्रिपुरा की राजधानी (Tripura capital) में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। पार्टी नेता कुणाल घोष (Kunal Ghos) ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी है।

पार्टी की पश्चिम बंगाल (west bengal) इकाई के राज्य सचिव घोष ने कहा कि पार्टी आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) का पालन करेगी क्योंकि हाल ही में निकाय चुनावों की तारीख की घोषणा की गई थी। सभी आठ जिलों में अगरतला नगर निगम समेत 20 शहरी स्थानीय निकाय चुनाव के लिए 25 नवंबर को मतदान होना है।

टीएमसी (TMC) 2023 के चुनावों से पहले त्रिपुरा में पैठ बनाने की कोशिश कर रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता पार्टी के आधार का विस्तार करने के लिए राज्य का दौरा कर रहे हैं। घोष ने मीडिया से कहा कि टीएमसी ने बहुत पहले अगरतला में बनर्जी के लिए एक रैली का आयोजन किया था। लेकिन सत्ताधारी भाजपा ने इस प्रयास को विफल करने के लिए प्रशासन का इस्तेमाल किया, क्योंकि उन्हें अगले चुनाव में खराब शासन के कारण सत्ता खोने का डर है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब से पार्टी ने त्रिपुरा में आधार बनाना शुरू किया है, पिछले दो महीनों में राज्य में कई पार्टी कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमले हुए हैं। गोमती जिले के अमरपुर में आज भी हमारी पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया और उन्हें ले जा रहे वाहन को भाजपा के गुंडों ने क्षतिग्रस्त कर दिया।

टीएमसी नेता ने कहा, अमरपुर के नूतन बाजार में जनसभा को संबोधित करने के बाद इंडक्शन प्रोग्राम था। कार्यक्रम के लिए पुलिस से पूर्व अनुमति भी ली गई थी लेकिन कार्यक्रम स्थल की ओर जा रहे लोगों पर हमला किया गया।

घोष ने आरोप लगाया कि आश्चर्यजनक रूप से पुलिस मूकदर्शक बनी रही। तृणमूल नेताओं को हमलावरों के खिलाफ कदम उठाने के बजाय कार्यक्रम स्थल पर जाने से रोका। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की घटनाओं से संकेत मिलता है कि भाजपा राज्य में टीएमसी की मौजूदगी से डरी हुई है।

हम ऐसे हमलों की कड़ी निंदा करते हैं। घोष ने कहा कि भाजपा (BJP) के हमलों और धमकियों के बाद बहुत से लोग खुलकर हमारे साथ नहीं आ रहे हैं, लेकिन हमें यकीन है कि भाजपा के कुशासन के खिलाफ उनकी पीड़ा वोटों के माध्यम से दिखाई देगी।

इस बीच महिला तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मंगलवार को यहां पुलिस मुख्यालय के सामने धरना दिया और पूरे राज्य में टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।