त्रिपुरा के शाही वंशज प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा (Pradyot Bikram Manikya Debbarma) ने घोषणा की कि एकता के लिए जरूरत पड़ने पर वह TIPRA  मोथा के अध्यक्ष पद से हटने को तैयार हैं। एक ट्वीट में, त्रिपुरा कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में कार्य करने वाले प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा ने कहा कि वह टिपरासा और सभी राजनीतिक दलों के बीच एकता चाहते हैं।

अलग टिपरालैंड के निर्माण की मांग कर रहे देबबर्मा ने कहा कि 'ग्रेटर टिपरालैंड (Greater Tipraland)' के लिए एकजुट होने की जरूरत है।



देबबर्मा (Pradyot Debbarma) ने कहा कि "मैं तिप्रसा के बीच एकता चाहता हूं। मैं सभी दलों से अपील करता हूं कि हमें ग्रेटर टिपरालैंड के लिए एकजुट होना चाहिए। पार्टियों के नाम, पद हमारे पीपीएल के भविष्य से ज्यादा मायने नहीं रखते। यदि आवश्यक हुआ तो मैं एकता की खातिर टिपरा मोथा के अध्यक्ष के रूप में पद छोड़ने को तैयार हूं, ”।

3 नवंबर को, देबबर्मा (Pradyot Debbarma)ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने क्षेत्रीय पार्टी को संतिरबाजार में एक सीट पर चुनाव लड़ने से मना कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि TIPRA मोथा को उनके संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करने से सत्तारूढ़ दल द्वारा उनका नामांकन दाखिल करने से रोक दिया गया है।
 देबबर्मा ने ट्वीट किया कि “यह शर्म की बात है कि प्रशासन ने एक क्षेत्रीय दल को संतिरबाजार में एक सीट पर चुनाव लड़ने से मना कर दिया है। हर स्तर पर टिपरा मोथा को हमारे नामांकन दाखिल करने से रोककर सत्ताधारी दल द्वारा उनके संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करने से रोक दिया गया है।”